गांव गढ़ी उजाले खां में बिजली निगम के अधिकारियों व कर्मियों की लापरवाही के कारण एचटी लाइन के टूटे तार की चपेट में आकर झुलसने से एक किसान की मौत हो गई। वह वीरवार को अपने खेत में खाद डालने गया था, जहां टूटे पड़े हाई वोल्टेज तार से टकरा गया। उसके परिजनों का आरोप है कि बिजली निगम की लापरवाही के कारण किसान की मौत हुई है। परिजनों ने परिवार के एक सदस्य को नौकरी व मुआवजे के अलावा लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। निगम की ओर से टीम बनाकर जांच शुरू करा दी गई है।
गांव गढ़ी उजाले खां निवासी किसान जगमोहन (40) वीरवार को खेतों में खाद डालने के लिए गया था। वह खाद डालने के लिए अंदर घुसा तो खेतों के बीच से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की बिजली की लाइन के टूटे पड़े तार से टकरा गया। तार की चपेट में आने से किसान झुलस गया। वहां आसपास के लोगों ने उसे देखकर किसी तरह तार से छुड़वाया और अस्पताल में पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को परिजनों ने पूरा मामला बताया। वहीं उसके चाचा चांदराम का आरोप है कि जगमोहन की मौत बिजली निगम के कर्मचारियों की लापरवाही से हुई है। उनका कहना है कि खेतों के ऊपर से गुजर रहे तार लटके हुए थे, जिनको ठीक कराने के लिए बिजली निगम के कार्यालय में पहले ही शिकायत दर्ज कराई जा चुकी थी। फिर भी निगम के कर्मचारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उसके परिजनों ने इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व मुआवजा दिए जाने की मांग की गई। इस मामले में एक्सईएन दीपक पोपली ने जांच के लिए एसडीओ को मौके पर भेजा।
मामले की की जाएगी जांच
बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता दीपक पोपली ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। यदि बिजली की तार पहले से ही टूटी पड़ी थी तो संबंधित लाइनमैन व जेई से जवाब तलब किया जाएगा। इसके लिए विभाग की तकनीकी टीम को बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही जांच कर रिपोर्ट सरकार के पास भेज दी जाएगी। निगम की गलती होने पर मृतक केे परिवार को निगम की ओर से मुआवजा दिया जाएगा।