फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विशेष गृह में लगेगी बच्चों की पाठशाला, संवरेगा भविष्य

Fri, 24 Feb 2017 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सोनीपत
विज्ञापन
आईटीआई चौक स्थित विशेष गृह। - फोटो : bureau
विज्ञापन
विशेष गृह में जल्द ही बच्चों की पाठशाला लग सकेगी। विशेष गृह के बच्चों को शिक्षित करने व उनका भविष्य संवारने के लिए पहल शुरू हो गई है। बच्चों को शिक्षित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से विशेष बच्चों के अभिभावकों से उनकी शिक्षा संबंधी जानकारी मांगी गई है।
विज्ञापन


बच्चों को ओपन शिक्षा बोर्ड से शिक्षा दिलाने का निर्णय लिया गया है। पाठशाला लगाने की मंजूरी के लिए विभाग की तरफ से मुख्यालय को पत्र भेजा गया है।

दिसंबर में अंबाला से सोनीपत किया गया था शिफ्ट

सोनीपत से छह साल पहले विशेष गृह को अंबाला शिफ्ट कर दिया गया था। अब 26 दिसंबर को इसे फिर से सोनीपत में शुरू किया गया है। यहां 18 साल से कम उम्र के 66 बच्चों को रखा गया है। यहां रखे गए बच्चे चोरी से लेकर कई बड़ी आपराधिक वारदातों में सजायाफ्ता हैं।

प्रशासन की तरफ से विशेष गृह को दो भागों में बांटा गया है। एक तरफ जहां बड़ी आपराधिक वारदातों में शामिल रहे बच्चों को रखा गया है, वहीं दूसरी तरफ मारपीट, जेबतराशी व चोरी के मामलों में शामिल रहे बच्चे रखे गए हैं।
विज्ञापन


किशोर अवस्था में विशेष गृह में आने के बाद इनकी पढ़ाई अधूरी रह गई थी। ऐसे में विशेष गृह से बाहर जाने के बाद वह अपने जीवन को संवार सके इसके लिए विभाग ने उन्हें शिक्षित करने का निर्णय लिया है। बच्चों को शिक्षा देने के लिए महिला एवं बाल विकास ने मुख्यालय से मंजूरी मांगी है।

वोकेशनल ट्रेनिंग के साथ कंप्यूटर शिक्षा देने की भी तैयारी

महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से विशेष गृह में रखे गए इन बच्चों को ओपन बोर्ड से शिक्षा दिलाई जाएगी। अगर कोई बच्चा किसी स्पेशल विषय में शिक्षा लेना चाहता है तो उसे स्पेशल विषय की भी शिक्षा दी जाएगी।

शिक्षा के साथ कंप्यूटर व वोकेशनल कोर्स की शिक्षा भी दी जाएगी। इसके लिए कंप्यूटर अध्यापक भी नियुक्त किया जाएगा। वहीं, सात कंप्यूटरों का प्रपोजल भी भेजा गया है।

कैंप लगाकर किया जा रहा जागरूक

विशेष गृह में रखे गए बच्चों का भविष्य सुधारने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। विभाग की ओर से इनको यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम सहित अनेक अभियानों से जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे विशेष गृह से जाने के बाद अपने भविष्य में कोई गलत कदम न उठाएं।

बच्चों का भविष्य सुधारने को विभाग गंभीर

विशेष गृह में 66 बच्चों को रखा गया है। इनके द्वारा बचपन में की गई गलती भविष्य में दोबारा न हो, इसके लिए विभाग ने इन्हें शिक्षित करने का फैसला लिया है। ओपन बोर्ड से शिक्षा दिलाने के संपर्क किया गया है। वहीं विभाग को पत्र लिखकर इसकी मंजूरी भी मांगी गई है। इन बच्चों का भविष्य सुधारने के लिए विभाग प्रयासरत है।
विज्ञापन

-रेखा शर्मा, जिला कानून अधिकारी।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें