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दिन में दो बार हुआ रोडवेज का चक्का जाम, भटकते रहे यात्री

Mon, 10 Apr 2017 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
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रोडवेज का चक्का जाम कर कर्मचारियों की ओर से डिपो के मेन गेट पर जड़ा गया ताला। - फोटो : bureau
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प्रदेश सरकार की ओर से प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में रोडवेज की ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने सोमवार को दिन में दो बार रोडवेज का चक्का जाम किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बस डिपो के गेट पर ताला भी जड़ा। यूनियन प्रधान ने कहा कि जब तक स्टेट कमेटी के आदेश नहीं होंगे, रोडवेज का चक्का जाम रहेगा। चक्का जाम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और उनको प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ा।
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पिछले दरवाजे से दे रही परमिट
डिपो प्रधान रणबीर सिंह मलिक, विक्रम सिंह यादव व जगदीश गहलवात ने कहा कि सरकार पिछले दरवाजे से प्राइवेट बसों को परमिट दे रही है। सरकार ने पहले 3519 निजी परमिट देने की कोशिश की, जब उनका कर्मचारियों ने एकजुट होकर विरोध किया तो परमिट को रद किया गया। इसके बाद किलोमीटर स्कीम पर परमिट देने की कोशिश की, जब विरोध होने लगा तो उसको भी बंद कर दिया गया। अब विभाग के अधिकारियों ने इस स्कीम को दोबारा चालू करना शुरू कर दिया, जिससे कर्मियों में रोष बना हुआ है। इससे कर्मचारियों में रोष है। कमेटी ने सुबह दो घंटे के लिए रोडवेज का चक्का जाम किया। उन्होंने बताया दिन में स्टेट कमेटी की चंडीगढ़ में विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें सहमति नहीं बनी। जिससे कमेटी की तरफ से रोडवेज का चक्का जाम करने के दोबारा से आदेश मिले। इससे कमेटी ने शाम चार बजे दोबारा रोडवेज का चक्का जाम कर दिया। वहीं, मेन गेट पर ताला भी जड़ा। सरकार ने जल्द ही परमिट देने का कार्य बंद नहीं किया तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी। इस मौके पर रामपत गोरड़, नवीन राणा, नरेश मलिक, जगमोहन आंतिल, जसमेर, प्रमोद मलिक, राजपाल, बलवान, सज्जन पाल, मुकेश दहिया, सतेंद्र, मंजीत, रमेश मलिक आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
प्राइवेट बसों की रही चांदी
दिन में दो बार रोडवेज का चक्का जाम होने से यात्री भटकते रहे। उन्हें अपने गंतव्य तक जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज की सेवा न मिलने के कारण यात्री निजी बसों व अन्य वाहनों में जाने के लिए विवश हुए। इस कारण प्राइवेट बस चालकों की चांदी रही।
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