हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान जिस सेंटर की कोई शिकायत मिलेगी उस सेंटर के पूरे स्टाफ पर कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं सेंटर तोड़े जाने की स्थिति में विद्यार्थियों को जिला हेडक्वार्टर या फिर भिवानी बोर्ड में परीक्षा देने जाना होगा। इसमें जो भी खर्च होगा वह केंद्र के मुख्य अधीक्षक से ही वसूला जाएगा। इसके अलावा सेंटर में विद्यार्थियों को स्कूल की ड्रेस में आना होगा और अंदर जाने से पहले उनकी तलाशी भी ली जाएगी। जिले के सभी डीईईओ, बीईओ, बीईईओ, प्राचार्य व मुख्याध्यापकों को यह निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी जिले सिंह शर्मा ने दिए हैं। वह शनिवार को शहर के एसएम हिंदू स्कूल में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।
48 हजार से अधिक विद्यार्थी देंगे परीक्षा
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड व हरियाणा ओपन बोर्ड की 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षा सात मार्च से शुरू हो रही हैै। वहीं, पिछले सेशन की प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर की री-अपीयर की परीक्षाएं भी साथ में होंगी। बोर्ड की इन परीक्षाओं के लिए जिले के 386 सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों के 48 हजार 834 छात्रों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया है। इनमें 10वीं कक्षा के 26 हजार 595 विद्यार्थी और 12वीं कक्षा के 22 हजार 239 छात्रों के अलावा हरियाणा ओपन बोर्ड के करीब 2500 छात्र परीक्षा देंगे, जबकि सैकड़ों छात्र 10वीं व 12वीं के प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर की री-अपीयर की परीक्षा देंगे। परीक्षा के लिए शिक्षा विभाग ने 97 सेंटर बनाए हैं। परीक्षाओं में अक्सर नकल का बोलबाला रहता है, लेकिन इस बार विभाग ने नकल से सख्ती से निपटने का मन बनाया है। इस संदर्भ में डीईओ जिले सिंह ने शनिवार को जिले के सभी डीईईओ, बीईओ, बीईईओ, प्राचार्य व मुख्याध्यापकों की बैठक बुलाई और नकल रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।
सुपरवाइजरों को अधीक्षक के पास जमा कराना होगा मोबाइल
परीक्षाओं में जिन सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई है, उनके परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन ले जाने पर पाबंदी लगाई गई है। इन्हें अपने फोन अधीक्षक के पास जमा कराने होंगे। इसके अलावा जेब में भी खर्च के पैसे ही रखने होंगे। अगर परीक्षा के दौरान किसी सुपरवाइजर के पास फोन मिला तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
हर स्थिति की देनी होगी अधिकारियों को सूचना
परीक्षा के दौरान सभी स्कूलों के प्रिंटरों को बंद करके अलग रखना होगा। वहीं, आसपास में खुलने वाली फोटोस्टेट की दुकानों को बंद करवाना होगा। इसके अलावा परीक्षा के दौरान हर स्थिति की विभाग के अधिकारियों को जानकारी देनी होगी। इसके बावजूद भी परीक्षा के दौरान अगर किसी बच्चे के पास नकल मिली तो पूरे स्टाफ पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा ड्यूटी सुपरवाइजरों को परीक्षा के दिन का ही मेहनताना मिलेगा।
नकल होने पर विद्यार्थी के साथ स्टाफ पर भी होगी कार्रवाई
अबकी बार परीक्षाओं में नकल रोकने को विभाग सख्त है। नकल करने पर विद्यार्थी पर तो कार्रवाई होगी ही, इसके साथ ही स्टाफ से लेकर अधीक्षक तक पर भी कार्रवाई होगी। इसी संदर्भ में सभी शिक्षा अधिकारियों की मीटिंग बुलाई गई थी, जिन्हें परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
जिले सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।