प्रापर्टी के कमीशन विवाद के चलते व्यक्ति का अपहरण कर उसकी हत्या करने के मामले में गांव बुसाना के पूर्व सरपंच सहित तीन को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत ने उनको यह सजा सुनाई है। सभी पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
नवंबर 2014 में गढ़ी सराय नामदार खां गांव के रहने वाले ओमप्रकाश सैनी ने अपने भाई के हरिओम के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि लेनदेन के मामले में बुसाना गांव के सरपंच संतराम ने अपने गांव के महेंद्र सिंह व ईसापुर खेड़ी गांव के बिजेंद्र संग मिलकर 26 नवंबर को उसके भाई हरिओम सैनी का अपहरण कर लिया है। उसके भाई का सरपंच संतराम के साथ प्रापर्टी के कमीशन को लेकर विवाद था। इस विवाद में उसके भाई का अपहरण करके हत्या कर दी गई। हरिओम का शव 28 नवंबर को झज्जर के साल्हावास गांव से बरामद किया गया था। इस मामले में पुलिस ने बुसाना गांव के पूर्व सरपंच सहित तीन आरोपियों को काबू कर लिया था। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत में चल रही थी। आरोप सिद्ध होने पर मंगलवार को अदालत ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।