डीसी ललित सिवाच ने बताया कि नहरों, ड्रेनों, यमुना के किनारे पर नहाने वालों पर पाबंदी लगाते हुए धारा-144 लागू की हुई है। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले में गांवों के आसपास से जो नहरें, ड्रेनें, यमुना नदी गुजरती है और वहां पर उन गांवों के व्यक्ति, बच्चे जाकर स्नान करते हैं और वह उस दौरान अपनी लापरवाही के कारण पानी में डूब जाते। उन्होंने बताया कि कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं कि कुछ व्यक्ति इन जगहों के किनारों पर बैठकर शराब आदि का सेवन करने बाद नशे में होकर वहां नहाते हैं और कुछ लोग डूब भी जाते हैं। इन मामलों को जनहित में देखते हुए धारा-144 लागू की है। उन्होंने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी व पटवारियों को आदेश दिए हैं कि संबंधित गांवों के साथ लगती नहरों, ड्रेनों व यमुना नदी पर उस गांव के ग्राम सचिव, नंबरदार व चौकीदार द्वारा मुनादी करवाकर जनता को जागरूक करेंगे। अगर कोई व्यक्ति नहर, ड्रेन व यमुना नदी के किनारे व इसके आसपास शराब आदि का सेवन करते हुए व स्नान करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शादी समारोह में आए युवक की नहर में डूबने से मौत
गांव एमपी माजरा के पास नहर में नहाते हुए डूबने से युवक की मौत हो गई। वह शादी समारोह में शामिल होने गांव एमपी माजरा आया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
खुबडू चौकी प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि मूलरूप से रोहतक के गांव लाखन माजरा का रहने वाला अरुण फिलहाल जटवाड़ा सोनीपत में अपने रिश्तेदार के यहां रहता था। वह सोमवार को एमपी माजरा गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने आया था। वह देर शाम एक युवक के साथ गांव के निकट नहर में नहाने के लिए चला गया। नहाते हुए वह नहर में डूब गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मामले की सूचना खुबडू झाल पुलिस चौकी में दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से उसे ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पुलिस ने चार गोताखोरों को मौके पर बुलवाया और मंगलवार पूरा दिन अरुण की तलाश की गई। मंगलवार शाम को अरुण का शव सिटावली गांव के निकट मिला। पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भिजवा दिया।