शहर के सेक्टरों में रहने वाले 50 हजार लोगों की प्यास बुझाने में एनएचएआई रोड़ा बन गया है। नेशनल हाईवे के नीचे पाइप लाइन दबाने की एनएसएआई से अनुमति नहीं मिलने के कारण सप्लाई शुरू नहीं हो रही है, जबकि हुडा का यह 65 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट पूरी तरह से तैयार है। इस कारण ही हुडा को सेक्टरों तक पानी पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सेक्टर के लोगों का नियमित पेयजल आपूर्ति के लिए इंतजार बढ़ रहा है। हुडा अधिकारियों के अनुसार हाईवे के नीचे पाइप लाइन दबाने की अनुमति मिलते ही लोगों तक पानी पहुंचा दिया जाएगा।
2013 में तैयार किया प्रोजेक्ट
हुडा के सोनीपत में सात सेक्टर हैं, जिनमें सेक्टर-3, 12, 13, 14, 15, 7 व 23 शामिल हैं। इन सेक्टरों में करीब 50 हजार लोग रहते हैं। प्रत्येक सेक्टर में लोगों को नियमित पेयजल व्यवस्था के लिए हुडा ने यमुना से पानी देने का फैसला लिया था, जिसके लिए 2013 में लगभग 65 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इस राशि से सेक्टर के लोगों को करीब 20 किलोमीटर दूर नांदनौर-मच्छरौला गांव में रेनीवाल बनाकर पानी देने का प्लान तैयार किया गया। अब यमुना पर विभाग द्वारा तीन रेनीवाल बनाकर तैयार कर दिए हैं। वहीं, यमुना से लेकर सेक्टरों तक पाइप लाइन बिछाने का 95 प्रतिशत कार्य हो पूरा हो चुका है, लेकिन सेक्टर के लोगों तक पानी पहुंचाने में एनएचएआई रोड़ा बन गया है। नेशनल हाईवे एक के नीचे पाइप लाइन दबाने के लिए हुडा की ओर से अनुमति लेने को फाइल एनएचएआई कार्यालय में दो महीने पहले भेजी गई थी और वह अभी तक वहां अटकी हुई है। पाइप लाइन दबाने के लिए हुडा को एनएचएआई की मंजूरी का इंतजार है।
देवीलाल पार्क के पास बिछानी है पाइप लाइन
हुडा द्वारा सेक्टर के लोगों को पानी देने के लिए यमुना से हाईवे और हाईवे से सेक्टरों तक पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो गया है। वहीं, रेनीवाल में लगी मोटरें भी पानी सप्लाई करने के लिए तैयार है। इन पाइप लाइनों में पानी सप्लाई जब होगी, तब एनएचएआई हुडा को सेक्टर-7 के स्थित देवीलाल पार्क के नजदीक हाईवे के नीचे से पाइप लाइन दबाने की मंजूरी देगा। मंजूरी मिलते ही हुडा द्वारा हाइवे के नीचे पाइप लाइन दबा दी जाएगी और लोगों तक पानी पहुंचाया जाएगा।
ट्यूबवेलों के केवल चार सेक्टरों में पानी सप्लाई
हुडा की ओर से फिलहाल चार सेक्टर-12, 13, 14 व 15 के लोगों तक ही पानी पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए सेक्टरों में ट्यूबवेल लगाए गए हैं। इन ट्यूबवेलों से ही चारों सेक्टरों में पानी जाता है। बाकी तीन सेक्टरों में पानी व्यवस्था के स्थायी समाधान नहीं है। हालांकि वह सेक्टर पूरी तरह से डेवलप नहीं है, लेकिन वहां जितने लोग रहते हैं उनको पानी के लिए अपनी ही व्यवस्था करनी पड़ती है। इस कारण ही यमुना से पानी देने की योजना बनाई गई।
जल्द अनुमति मिलने की उम्मीद
दो महीने पहले एनएचएआई अंबाला कार्यालय को हाईवे के नीचे पाइप लाइन दबाने के लिए अनुमति लेने को ऑनलाइन फाइल भेजी गई थी। अभी तक विभाग की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। ऑनलाइन अनुमति मिलने में थोड़ा समय लगता है। एनएचएआई से जल्द इसकी अनुमति मिलने की उम्मीद है। अनुमति मिलते ही हाइवे के नीचे पाइप लाइन दबा दी जाएगी।
-दीपक गोयल, एक्सईएन, हुडा।
दिल्ली एनएचएआई को सौंप दिया कार्यभार
एनएचएआई अंबाला यूनिट अब सोनीपत के नजदीक नेशनल हाईवे का कार्य नहीं देखती। हाईवे का कार्य दिल्ली एनएचएआई को सौंप दिया गया है। वहां की सभी फाइलें भी दिल्ली कार्यालय पहुंचा दी गई हैं। अब हमारे पास इसका कोई डाटा नहीं है।
-विपिन शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई अंबाला यूनिट।