हुडा को रिहायशी सेक्टर-12 के प्लॉट बंपर फायदा दे गए। इस सेक्टर में ई-नीलामी के रखे गए 14 प्लाट भी बच गए और चार करोड़ से ज्यादा का फायदा भी हुडा को हुआ। हुडा के 45 प्लाटों के लिए ई-नीलामी सोमवार देर रात तक चली, जिनमें से केवल 31 प्लाट ही बिक सके, लेकिन ये 31 प्लाट ही पहले से निर्धारित 45 प्लाटों की राशि से चार करोड़ ज्यादा में बिक गए। अब बचे 14 प्लाट हुडा को और भी ज्यादा फायदा पहुंचाएंगे, जिनके लिए जल्द ही दोबारा नीलामी होगी।
जिले में हुडा के 8 सेक्टर हैं, जिनमें सेक्टर-3, 12, 13, 14, 15, 7, 23 व गोहाना सेक्टर-7 शामिल हैं। इन सेक्टरों में लंबे समय से प्लॉटों की बिक्री नहीं हो रही है। इसके कारण विभाग के पास बजट की कमी आ रही है। बजट की कमी के कारण हुडा ने सफाई व्यवस्था समेत कई कार्य नगर निगम के हवाले किए हुए हैं। हुडा के रेट ज्यादा होने के कारण लोग वहां प्लॉट नहीं खरीद रहे थे। ये बेशकीमती प्लॉट खाली होने से हुडा को नुकसान हो रहा था। इसके लिए हुडा ने पिछले महीने ई-नीलामी की योजना बनाई थी। हुडा अब रियायती दरों में प्लॉट देने के लिए हर महीने नीलामी करा रहा है। सोमवार को सेक्टर-12 के 45 प्लॉटों की ई-नीलामी हुई, जिनमें से 31 प्लॉटों की नीलामी हुई। 14 प्लॉटों में ग्राहकों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। हुडा की सभी प्लॉटों की 18 करोड़ 41 लाख 22 हजार रुपये की कीमत निर्धारित की गई थी, लेकिन इनमें से 31 प्लॉटों की ई-नीलामी में 22 करोड़ 53 लाख 92 हजार में बोली लगी। इससे हुडा को चार करोड़ 12 लाख 70 हजार रुपये का फायदा हुआ।
देर रात तक चली ई-नीलामी
हुडा के इन 45 प्लॉटों की ई-नीलामी को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक करने का फैसला लिया था, लेकिन प्लॉट खरीदने वाले ग्राहकों ने अधिकारियों की उम्मीद से ज्यादा बोली लगाई। इसके कारण हुडा ने नीलामी को ओपन कर दिया, जो देर रात तक चली। सेक्टर-12 के एक कनाल की कीमत अधिकारियों ने 95 लाख 29 हजार रुपये की कीमत लगाई थी, जिसमें छह प्लॉट शामिल थे। इनमें से एक प्लॉट नंबर 909-पी की सबसे ज्यादा एक करोड़ 16 लाख 29 हजार की बोली लगी।
चार महीने में जमा कराना होगा पैसा
हुडा ने ई-नीलामी के लिए ग्राहकों को आवेदन के समय प्लॉट का 2 प्रतिशत पैसा जमा करवाया था। ई-नीलामी के 24 घंटे बाद ग्राहक को अगला आठ प्रतिशत पैसा जमा कराना होता है। अब हुडा के 31 प्लॉट बिके हैं तो ग्राहक को यह पैसा 24 घंटे में जमा करवाना होगा। इसके अलावा बाकि 90 प्रतिशत पैसा अगले चार महीने में जमा करवाना होगा।
पिछले महीने भी करवाई गई थी ई-नीलामी
सेक्टरों में प्लॉटों के बेशकीमती रेट होने व जमीन पर मंदी की मार के कारण लोग प्रॉपर्टी खरीदने से बच रहे हैं। वहीं, डिफाल्टर भी विभाग को ठेंगा दिखा रहे हैं। इस कारण हुडा लगातार कंगाली की मार झेल रहा है। इससे विभाग के अधिकारी परेशान नजर आ रहे हैं। कंगाली से बचने व विभाग को चलाने के लिए अब विभाग प्लॉटों की ई-नीलामी करवा रहा है। करोड़ों रुपये की बेशकीमती प्लॉटों को विभाग लाखों रूपये में बेच रहा है। गत महीने हुडा ने 49 प्लॉटों की ई-नीलामी करवाई थी। इसमें हुडा को करीब सात करोड़ रुपये का फायदा हुआ था।
उम्मीद से ज्यादा लगी बोली
प्रशासन ने 45 प्लॉटों की बोली लगाने का फैसला लिया था। ई-नीलामी के दौरान ग्राहकों ने प्लॉटों में दिलचस्पी दिखाते हुए बोली लगाई। ग्राहकों ने विभाग की उम्मीद से ज्यादा बोली लगाई। ग्राहकों ने सेक्टर-12 के 31 प्लॉट खरीदे हैं। प्लॉट नंबर 909-पी की सबसे ज्यादा बोली लगाई गई है। हुडा को चार करोड़ रुपये से अधिक का फायदा हुआ है। यह ई-नीलामी हर महीने होगी। प्रशासन ने सभी सेक्टरों के खाली रिहायशी प्लॉटों की जून-2017 तक ई-नीलामी करने का लक्ष्य रखा है।
विकास ढांडा, संपदा अधिकारी, हुडा।