अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पाराशर की अदालत ने बंटवारे को लेकर हुई कहासुनी के बाद बेटे की दाव (तेजधार हथियार) से गर्दन और हाथ पर वार कर हत्या करने के आरोपी रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) फौजी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दो साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। रिटायर्ड फौजी की पत्नी ने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
गांव जाहरी निवासी कमलेश ने 10 जून, 2020 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि उसके रिटायर्ड फौजी पति रामपत व उसके छोटे बेटे राहुल में बंटवारे को लेकर एक माह से कहासुनी चल रही थी। उसका बेटा राहुल उसके साथ पिता से अलग रहता था। कमलेश ने पुलिस को बताया था कि 10 जून, 2020 की रात को भी राहुल की पिता रामपत से बंटवारे को लेकर कहासुनी हो गई थी। इस पर उसका पति गुस्से से अंदर से लकड़ी काटने का दाव ले आया था। उसने आते ही दाव से राहुल पर वार कर दिया था। राहुल ने बचाव को अपना बायां हाथ आगे किया तो दाव लगने से हाथ कटकर दूर जा गिरा था। उसका पति फिर भी नहीं रुका और उसके बाद राहुल की गर्दन पर वार कर दिया था। इससे वह जमीन पर गिर गया था। उसके गिरने के बाद कई वार कर उसकी हत्या कर दी थी। कमलेश ने पुलिस को बताया था कि उसने, बड़े बेटे विकास और पुत्रवधू दीपिका ने बचाव का प्रयास किया था। तब उसके पति ने उन पर दाव चलाने की कोशिश की थी। इस पर उसका बेटा विकास व पुत्रवधू दीपिका भागकर छत पर चढ़ गए और वह गली में आकर बचाओ-बचाओ का शोर मचाने लगी थी। वारदात को अंजाम देकर उसका पति भाग गया था। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर दाव बरामद करने के बाद अदालत में पेश किया था।
एएसजे अजय पाराशर की अदालत रामपत को बेटे की हत्या का दोषी करार दिया। शुक्रवार को मामले में सजा सुनाते हुए अदालत ने रामपत को उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।