फोटो :: सोनीपत के माडल टाउन स्थित शिक्षा विभाग के कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच करती पानीपत से
सोनीपत। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों के बजट खर्च की निगरानी सख्त कर दी है। इसी के तहत समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिले में दो दिवसीय सोशल ऑडिट शुरू किया गया है। पहले दिन बुधवार को मॉडल टाउन स्थित समग्र शिक्षा कार्यालय में चार ब्लॉकों के चयनित विद्यालयों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की गई।
पानीपत से पहुंची विशेष ऑडिट टीम ने विद्यालयों के बजट, खर्च, बिल, वाउचर और अन्य अभिलेखों का बारीकी से मिलान किया। जिले के सातों ब्लॉकों के विद्यालयों का ऑडिट दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में खरखौदा, गोहाना, कथूरा और मुंडलाना ब्लॉक के चयनित विद्यालयों के रिकॉर्ड की जांच की गई।
दूसरे चरण में वीरवार को सोनीपत, राई और गन्नौर ब्लॉक के विद्यालयों की वित्तीय पड़ताल होगी। जांच के दौरान संबंधित विद्यालयों के प्राचार्य, लेखा प्रभारी और अन्य अधिकारी जरूरी दस्तावेजों के साथ मौजूद रहे।
ऑडिट टीम ने विभिन्न योजनाओं के तहत मिले अनुदान, खर्च की गई राशि और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
फर्जी बिलों से हुआ था 1.34 करोड़ का गबन : जुलाई 2025 में जिले के दो राजकीय विद्यालयों में फर्जी बिलों के माध्यम से 1.34 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था। आरोप था कि एक लिपिक ने ई-सैलरी पोर्टल के जरिए फर्जी बिल तैयार कर भुगतान राशि अपने परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी।
जांच में गांव अकबरपुर बारोटा स्थित पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 20 फर्जी बिलों के जरिए 32 लाख रुपये और गांव छतेहरा बहादुरपुर स्थित विद्यालय में 31 फर्जी बिलों के माध्यम से 1.02 करोड़ रुपये के गबन का खुलासा हुआ था।