सोनीपत। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से मैदानी इलाके ठिठुरने लगे हैं। न्यूनतम और अधिकतम तापमान का अंतर भी लगातार कम होता जा रहा है। शीतलहर चलने से न्यूनतम तापमान में मंगलवार को भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोग ठंड से कांपने पर मजबूर रहे। हालांकि दोपहर पूर्व निकली धूप से हल्की राहत मिली है। दोपहर बाद सूरज फिर बादलों में छिप गया। ठंड से बचने के लिए लोग दिन भर गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नए साल पर लोगों को कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।जिले में तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद पूर्वी हवा चलने से वातावरण में नमी बनी हुई थी, न्यूनतम तापमान भी 10 डिग्री के पार पहुंच गया था। रविवार रात को हवा का रुख बदला और पश्चिमी हवा चलने से ठंड बढ़ती चली गई। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से मैदानी इलाके पूरी तरह शीतलहर की चपेट में हैं। चार दिन के बाद मंगलवार को दोपहर पूर्व निकली धूप ने ठंड से कपकपा रहे लोगों को हल्की राहत मिली है। हालांकि दोपहर बाद फिर आसमान बादलों से घिर गया। शीतलहर चलने से न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री दर्ज किया गया। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 13.5 और न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन भर तीन किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलती रही। हवा की गति धीमी होने से बुधवार को कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।
गेहूं उत्पादक किसान खुश
मौसम में आए बदलाव व ठंड बढ़ने से गेहूं उत्पादक किसान खुश हैं। किसानों का कहना है कि गत दिनों हुई बारिश के बाद अब वातावरण में बढ़ी ठंड से गेहूं की फसल को फायदा पहुंचेंगेा। गेहूं की ग्रोथ अच्छी होगी तो पैदावार में भी इजाफा होगा और आय भी अच्छी होगी।
-हवा का रुख बदल गया है। पहले पूर्वी हवाएं चलने से न्यूनतम तापमान बढ़ गया था, अब पश्चिमी हवा चलने से पहाड़ों की ठंडक मैदानी इलाकों में पहुंचने से ठिठुरन बढ़ी है। हवा की गति धीमी होने से बुधवार को कोहरा छाने के आसार बन रहे हैं।
डॉ. प्रेमदीप, मौसम विज्ञानी, केवीके सोनीपत