नगर निगम कार्यालय में एसएमएस मिलने के बाद जानकारी लेने पहुंचे लोग। संवाद
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शहर के लोगों के मोबाइल पर गृहकर के साथ भारी भरकम राशि के डेवलपमेंट चार्ज जोड़े जाने के एसएमएस भेज दिए गए। शुक्रवार को एसएमएस मिलने के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई। उनका आरोप है कि नगर निगम की ओर से शहर के लोगों को परेशान किया जा रहा है। पहले लोग गृहकर को ठीक कराने के लिए चक्कर काटने पड़े। अब निगम ने गृहकर के साथ डेवलपमेंट चार्ज, पानी व सीवर के बिल जोड़कर भेज दिए हैं।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से याशी कंसलटेंसी कंपनी को शहर की प्रॉपर्टी ऑनलाइन करने का टेंडर दे रखा है। निगम क्षेत्र में वर्ष 2019 से सर्वे किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद कंपनी की ओर से गृहकर के साथ डेवलपमेंट चार्ज, पानी व सीवर के बिल जोड़कर लोगों के मोबाइल पर एसएमएस कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, निगम क्षेत्र में 45 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी हैं। याशी कंसल्टेंसी कंपनी की ओर से सर्वे का कार्य पूरा करने के बाद पोर्टल पर डाटा अपडेट करके लोगों के मोबाइल पर एसएमएस भेज दिए गए हैं।
एसएमएस में प्रॉपर्टी आईडी नंबर, प्रॉपर्टी मालिक, कॉलोनी का नाम, मोबाइल नंबर, प्रॉपर्टी का साइज, फायर टैक्स ड्यूज, सॉलिड वेस्ट चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज, पानी व सीवर को बिल की राशि का ऑप्शन है। अधिकारियों का कहना है कि निगम क्षेत्र की संपत्तियों का डाटा पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया है। शहरवासी दावे व आपत्तियां आमंत्रित कर सकेंगे।
वर्जन
याशी कंसलटेंसी की ओर से सर्वे किया गया था। सभी प्रॉपर्टी को ऑनलाइन कर दिया गया है। जिन लोगों ने डेवलपमेंट चार्ज नहीं भरा है, वह बना होगा।
- पवित्र गुलिया, क्षेत्रीय कर अधिकारी नगर निगम