प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा बंद किए गए स्लाटर हाउस को नगर निगम ने फिर से शुरू करेगा। हालांकि अब मीट मार्केट के दुकानदार सरेआम दूषित पानी को नाले में बहा नहीं सकेंगे। निगम ने दूषित पानी को साफ करने के लिए स्लाटर हाउस के पास 15 लाख रुपये की लागत से प्रवाह उपचार संयंत्र (ईटीपी) को स्थापित है। गौरतलब है कि पूर्व नगर परिषद ने मीट विक्रेताओं के लिए स्लाटर हाउस तैयार कराया था। स्लाटर हाउस से विक्रेता दूषित पानी सीधे ड्रेन में डालने लगे। जिसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की थी। ट्रीटमेंट की कोई सुविधा नहीं होने से कुछ वर्ष पहले स्लाटर हाउस को सील कर दिया गया था। स्लाटर हाउस की मरम्मत भी होगी। इसकी फर्श पर ग्रे रंग का पत्थर लगाया जाएगा।
किस तरह करेगा काम ईटीपी
स्लाटर हाउस से निकलने वाला दूषित पानी सीधा ईटीपी (इंफ्लूयेंट ट्रीटमेंट प्लांट) की ओर ले जाया जाएगा। इस संयंत्र में दूषित पानी को साफ किया जाएगा। साफ पानी से बदबू भी नहीं आएगी। इसके बाद साफ पानी को नाले में छोड़ा जाएगा।
अभी कनेक्शन मिलने का है इंतजार
नगर निगम की ओर से ईटीपी को चालू करने के लिए बिजली निगम में बिजली कनेक्शन लेने के लिए अप्लाई किया गया है। यहां पर फिलहाल वन फेस बिजली आ रही है। निगम की ओर से प्लांट को चालू करने के लिए थ्री फेस कनेक्शन चाहिए।
स्लाटर हाउस को जल्द ही तैयार कर दिया जाएगा। ईटीपी को स्थापित कर दिया गया है। बिजली कनेक्शन के लिए अप्लाई किया गया है। कनेक्शन मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा।
-जसवंत सिंह, म्यूनिसिपल इंजीनियर, नगर निगम