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सीएफसी में भी होगा दूल्हा-दूल्हन का फोटो, सामने हस्ताक्षर कराएंगे अधिकारी

Wed, 16 Dec 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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केंद्र और राज्य सरकारों ने जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन की तरह मैरिज रजिस्ट्रेशन को भी अनिवार्य कर रखा है। वहीं विदेश जाने वालों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों से भी मैरिज सर्टिफिकेट अवश्य मांगा जा रहा है। इसके चलते लोगों में रजिस्ट्रेशन कराने के प्रति जागरूकता बढ़ने लगी है, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप नवविवाहित जोड़े रजिस्ट्रेशन कराने नहीं आ रहे हैं। इन्हीं दिक्कतों से बेजार नगर निगम ने मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए अब शादी की फोटो के साथ-साथ ऑन स्पॉट यानी कि अपने कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस की तर्ज पर फोटो भी खींचेगा। इसके लिए सीएफसी यानी कि नागरिक सुविधा केंद्र में कैमरा लगाया गया है, जो कंप्यूटर से जुड़ा है। यह कदम प्रदेश सरकार के डिजिटल अभियान के तहत उठाया गया है। बाद में कोई भी व्यक्ति निगम एरिया के मैरिज रजिस्ट्रेशन निगम की साइट पर जाकर देख सकता हैं। हालांकि साफ्टवेयर की कमी से इस सुविधा में अभी थोड़ी देर है।
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दो माह में शादी 100, रजिस्ट्रेशन एक तिहाई  
निगम एरिया में अक्तूबर और नवंबर महीने में करीब 100 के करीब शादियां हुई हैं। 20 से 25 नवंबर तक तो विशेष मुहूर्त रहा। पंडितों की मानें तो इस एक सप्ताह में ही 50 से ज्यादा शादी शहर में ही हुईं, लेकिन इतनी संख्या में लोगों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक दो माह में 20 से 30 जोड़ों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। हालांकि अब 2011 या इससे पहले शादी करने वाले युगल भी अब आ रहे हैं।

शपथ पत्र के साथ दोस्त को देनी होगी सामने गवाही
निगम के एक अधिकारी ने बताया कि पहले दूल्हा-दूल्हन, दोनों के माता-पिता और गवाह की ओर से शपथ पत्र, फेरों के दो फोटो,  एक-एक फोटो माता-पिता आशीर्वाद देते हुए का देना पड़ता था। अब उक्त फोटो के साथ निगम में लगे कैमरे से दूल्हा-दूल्हन, माता-पिता के साथ गवाह का भी फोटो लिया जाता है, जैसे ड्राइविंग लाइसेंस या रजिस्ट्री करते समय किया जाता है। सभी के हस्ताक्षर निगम द्वारा तैयार किए गए फार्म पर कराए जाते हैं।
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बेंक्वेट हॉल, मैरिज ब्यूरो व पंडितों के लिए अनिवार्य की जाए सूचना
आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जनवरी 2015 से अब तक मात्र 180 दंपति ने ही अपने विवाह का रजिस्ट्रेशन कराया है। ऐसे में बेंक्वेट हॉल, मैरिज ब्यूरो और पंडितों के लिए विवाह की लिखित सूचना देना प्रशासन अनिवार्य करें, जैसे निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों के लिए बच्चों के जन्म की सूचना स्वास्थ्य विभाग को देना अनिवार्य किया गया है। इससे निगम को यह पता रहेगा कि कितने समय में कितनी शादी हुईं और कितने लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया।

90 दिन में कराएं शादी पंजीकृत, नहीं तो होगी परेशानी
निगम अधिकारी रामकरण धनखड़ ने बताया कि नियमों के तहत शादी के 90 दिन के अंदर विवाह रजिस्टर्ड कराने की प्रक्रिया निगम में ही आसानी से पूरी हो जाती है। 90 से एक साल बाद फाइल एसडीएम कार्यालय भेजी जाती है। वहां से अनुमति मिलने के बाद फाइल वापस निगम में आती है। इसके बाद की अवधि के रजिस्ट्रेशन के लिए डीसी कार्यालय से अनुमति लेनी पड़ती है। दूसरा, प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए ही नागरिक सुविधा केंद्र में फोटो खींचे जा रहे हैं, ताकि पंजीकरण का रिकार्ड ऑनलाइन डाला जा सके। दूसरा, अब मैरिज प्रमाण पत्र भी कंप्यूटराइज दिया जा रहा है।
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