सोनीपत। गांव रोहट-भदाना-ककरोई मार्ग के बीच पाई डिस्ट्रीब्यूटरी पर बने खस्ताहाल पुल पर कभी भी हादसा हो सकता है। इस पुल के दोबारा निर्माण के लिए छह साल पहले कंडम घोषित किया था। उसके बावजूद कई किलोमीटर के फेर से बचने के लिए रोजाना एक हजार वाहन इस पुल से गुजरते हैं। टेंडर आवंटन को लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसके चलते निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
गांव रोहट के पास 7 नंबर नहर (पाई डिस्ट्रीब्यूटरी) का पुल कई वर्षों से जर्जर अवस्था में है। इससे रोजाना सैकड़ों वाहन चालकों की आवाजाही रहती है। जर्जर पुल के दोबारा निर्माण के लिए सिंचाई विभाग की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। डिस्ट्रीब्यूटरी का पुल कभी भी टूटकर गिर सकता है। लोगों का कहना है कि इस पुल से गुजरते समय जरा सी चूक हादसे की वजह बन सकती है। जर्जर पुल से दो पहिया वाहन निकल पाते हैं। चार पहिया वाहन पुल से नहीं गुजर रहे। इस कारण चार पहिया वाहन चालकों को काफी दूर से घूमकर अपने गंतव्य की ओर से जाना पड़ रहा है।
सिंचाई विभाग की ओर से वर्ष 2017 में रोहट-भदाना-ककरोई मार्ग पर पाई-डिस्ट्रब्यूटरी पर बने पुल को कंडम घोषित किया गया था। इसके बाद मुख्यालय से पुल के दोबारा निर्माण के लिए 30 लाख रुपये मंजूर कराए गए थे। वर्ष 2019 में पुल के दोबारा निर्माण के लिए टेंडर लगाया गया था। उस टेंडर में निर्माण के लिए तीन एजेंसियों ने आवेदन किया था। अधिकारियों के मुताबिक जिस एजेंसी को टेंडर आवंटित किया जाना था वह कागजों में अपना अनुभव नहीं दिखा सकी। जिसके चलते विभाग की ओर से दूसरी एजेंसी को टेंडर दिए जाने के कारण कोर्ट में सुनवाई के लिए अनुभवहीन एजेंसी ने वर्ष 2019 में याचिका डाल दी थी। उसके बाद से टेंडर आवंटित करने का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। जिसकी वजह से पुल का निर्माण शुरू नहीं किया जा सका।
पाई डिस्ट्रीब्यूटरी पर खस्ताहाल पुल की वजह से परेशानी हो रही है। इसके निर्माण के लिए कई बार शिकायत दी जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का अभी तक समाधान नहीं हो पाया है।
जयसिंह, ग्रामीण
सिंचाई विभाग की ओर से पुल का न निर्माण कराया जा रहा है और न ही इसकी मरम्मत कराई जा रही है। हर समय पुल के टूटने का डर बना रहता है।
संदीप सिंह, ग्रामीण
पाई डिस्ट्रब्यूटरी के पुल से रोजाना सैकड़ों वाहनों की आवाजाही रहती है। जर्जर पुल का निर्माण न होने के कारण चार पहिया वाहन चालकों ने आना ही बंद कर दिया है।
दीपक, ग्रामीण
पुल के निर्माण के लिए अधिकारी कोर्ट केस का हवाला दे रहे हैं। लापरवाही के कारण पुल कभी भी टूट सकता है। जिसकी वजह से ग्रामीणों को खेतों की ओर आने-जाने में परेशानी हो रही है।
जरनैल सिंह, ग्रामीण
पाई डिस्ट्रीब्यूटरी के पुल निर्माण के टेंडर आवंटित करने का मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले में सुनवाई अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि फरवरी में इस मामले पर फैसला आ जाएगा। इसके बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
राजेश सरोहा, उपमंडल अभियंता, सिंचाई विभाग