सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह की कोर्ट ने बुजुर्ग महिला की गैर इरादतन हत्या के मामले में छह दोषियों को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है। संत कबीर नगर में बाइक को तेज रफ्तार में लेकर आ रहे दो युवकों को धीमी गति से चलाने के लिए कहने पर हुए झगड़े में बुजुर्ग की जान गई थी।
संत कबीर नगर निवासी रौनक ने 25 मई, 2020 को पुलिस को बताया था कि उनके चाचा चरणपाल 24 मई, 2020 की शाम को ट्रैक्टर लेकर खेत में जा रहे थे। उनके आगे पड़ोसी चिंकी व जगदीप तेजगति में बाइक लेकर निकले तो चाचा ने उन्हें धीमी गति से चलाने के लिए कहा तो वे भड़क गए।
उनके चाचा के साथ गाली-गलौज करने लगे थे। उसके बाद चिक्की, उसका भाई मिंटू, उसके परिवार का जगदीप, उनका चाचा प्रवीण, मीता, सन्नी, नंबरदार का बेटा संजय, संजय, चिंकी की मां, मिंटू की पत्नी, पंकज, राकेश, शंकर बिहारी व आठ-नौ अन्य लोग आए और उनके चाचा व परिवार के अन्य सदस्यों पर हमला कर दिया।
रौनक ने बताया कि शोर सुनकर उनके परिवार के सदस्य भी बाहर आ गए। उनकी दादी संतोष (70) बाहर आईं तो चिंकी ने उनके सिर में लाठी से वार कर दिया। उनके पिता जयकरण को भी काफी चोटें आईं। वह दादी और पिता को लेकर सामान्य अस्पताल गए। वहां से दादी संतोष को रेफर कर दिया गया। जब वह उन्हें निजी अस्पताल लेकर जा रहे थे तो उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी संत कबीर नगर निवासी चिंटू उर्फ चिक्की, मिंटू, जगदीप, जोगीराम, कालूपुर के अविनाश उर्फ निक्का व सूरी पेट्रोल पंप वाली गली निवासी शंकर बिहारी को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में सुनवाई के बाद एएसजे डॉ. जसबीर सिंह सभी छह आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है। अदालत ने सभी को सात-सात कैद व 55-55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आठ माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।