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रजिस्ट्रार की कुर्सी के लिए दौड़ लगाने वाले प्रोफेसरों को झटका, प्रो. पवन दहिया को मिला चार्ज

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दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल में रजिस्ट्रार की कुर्सी के लिए भागदौड़ कर रहे प्रोफेसरों को मंगलवार को बड़ा झटका लगा है।रजिस्ट्रार की दावेदारी करने वाले उन प्रोफेसरों की जगह अच्छा कार्य करने पर प्रशासन से सम्मानित होने वाले प्रो. पवन दहिया को चार्ज मिल गया है। वीसी प्रो. राजेंद्र अनायत ने प्रो. पवन दहिया को रजिस्ट्रार का चार्ज सौंपने के बाद शासन को रिपोर्ट भेज दी है। राजभवन से कार्यकाल बढ़ाने की मंजूरी नहीं मिलने के कारण रजिस्ट्रार प्रो. आरडी कौशिक के इस्तीफा देने के बाद यह कुर्सी खाली हुई थी।
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दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल में रजिस्ट्रार प्रो. आरडी कौशिक का कार्यकाल 3 सितंबर 2020 को खत्म हो गया था। लेकिन राजभवन से उनकी जगह किसी रजिस्ट्रार की नियुक्ति नहीं की थी। जिसके बाद उनका कार्यकाल बढ़ाने के लिए वीसी प्रो. राजेंद्र अनायत ने फाइल मंजूर करके राजभवन भेजी थी। वह फाइल उसी समय भेज दी गई थी, जब रजिस्ट्रार का कार्यकाल खत्म हुआ था। उस समय लग रहा था कि राजभवन से रजिस्ट्रार का कार्यकाल बढ़ाने की मंजूरी जल्द मिल जाएगी, लेकिन उसके इंतजार में पांच महीने से ज्यादा का समय बीत गया था। जब तक राजभवन से रजिस्ट्रार का कार्यकाल बढ़ाने के साथ ही वेतन तय नहीं किया जाता, तब तक उनको नए सिरे से वेतन भी नहीं दिया जा सकता था। इसलिए ही रजिस्ट्रार को पिछले पांच महीने से वेतन भी नहीं मिल रहा था। इसको देखते हुए ही रजिस्ट्रार प्रो. आरडी कौशिक ने सोमवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया था और उनकी विदाई भी कर दी गई थी। जिसके बाद से यूनिवर्सिटी के करीब 10 प्रोफेसर उस कुर्सी को कब्जाने के चक्कर में लगे थे। वह वीसी कार्यालय से लेकर भाजपा नेताओं तक के चक्कर काटने लगे। लेकिन वीसी प्रो. राजेंद्र अनायत ने शासन से अच्छा कार्य करने पर सम्मानित होने वाली प्रो. पवन दहिया को रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि इस कुर्सी के लिए अन्य प्रोफेसर अभी शासन स्तर पर जोड़तोड़ कराने में लगे हैं, लेकिन यहां स्थायी रजिस्ट्रार की नियुक्ति होने तक प्रो. पवन दहिया के पास यह जिम्मेदारी रहेगी।
रजिस्ट्रार के इस्तीफा देने के बाद किसी को जिम्मेदारी सौंपनी थी। ऐसे में प्रो. पवन दहिया के कार्य को देखते हुए उनको यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह पढ़ाई से लेकर प्रशासनिक कार्य भी काफी बेहतर तरीके से करते हैं और उनको किसी से कोई शिकायत भी नहीं थी। इसलिए उनको रजिस्ट्रार का चार्ज सौंपा गया है। -प्रो. राजेंद्र अनायत, वीसी मुरथल यूनिवर्सिटी
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