उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से अलग भी किसी भी राज्य में अन्य मुद्दे को लेकर आंदोलन चलाना पड़ा तो इस फेडरेशन के बैनर तले चलाया जाएगा। भाकियू क्रांतिकारी पंजाब के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल भी इस बैठक में मौजूद रहे और उन्होंने कहा कि यह फेडरेशन केवल हरियाणा व पंजाब तक नहीं है, बल्कि किसान आंदोलन के साथ ही देश के अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलन करता रहेगा।
किसान आंदोलन में अन्य नेता हावी होना भी बताया जा रहा फेडरेशन बनाने का कारण
यह भी बताया जा रहा है कि किसान आंदोलन को जिस संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले चलाया जा रहा है, उसमें भाकियू यूपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत पंजाब के कई नेता हावी हैं, जबकि गुरनाम सिंह चढूनी व राकेश टिकैत के बीच संबंध ज्यादा ठीक नहीं हैं और गुरनाम चढूनी पिछले कई दिनों से लगातार यूपी में आंदोलन कमजोर होने के आरोप भी लगा रहे हैं।
वहीं सुरजीत सिंह फूल पर संयुक्त किसान मोर्चा कई बार कार्रवाई कर चुका है। उन पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान रूट बदलने के आरोप लगे थे और उनको मोर्चा से सस्पेंड तक किया गया था। इसके अलावा भी उन पर संसद मार्च को लेकर युवाओं को उकसाने का आरोप भी लगा था। इस तरह से खींचतान चलने के कारण भी फेडरेशन बनाए जाने की बात कही जा रही है।