सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) डीआर चालिया की अदालत ने नाबालिग को बहकाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 10 साल कैद और 25000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
विदित रहे कि 17 जून, 2017 को एक व्यक्ति ने सदर थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी 15 वर्षीय बेटी 14 जून से गांव से लापता है। उन्होंने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। उसने यूपी के बरेली निवासी संजय और मूलरूप से यूपी फिलहाल देवडू रोड निवासी राकेश पर उसकी बेटी को बहकाकर ले जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। बाद में किशोरी को 18 जुलाई 2017 को यूपी से बरामद कर लिया गया था। किशोरी का मेडिकल कराने पर उसके साथ दुष्कर्म करने की पुष्टि हु्ई थी। पुलिस ने आरोपी संजय और अन्य पर दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज कर लिया था। वारदात में शामिल मुख्य आरोपी यूपी के जिला बरेली के आनंद विहार मोहल्ला आवला निवासी संजय ने 11 दिसंबर 2017 को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। पुलिस ने उसे दो दिन के रिमांड पर लिया था। पुलिस मामले में आरोपी के मददगारों का पता नहीं लगा सकी थी। आरोपी को अदालत में पेश किया गया था, यहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे (फास्ट ट्रैक कोर्ट) डीआर चालिया की अदालत ने संजय को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 10 साल कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो साल की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
पहले से शादीशुदा था दोषी संजय
किशोरी को बहकाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराए गए संजय को पुलिस ने रिमांड पर लिया था तो पता लगा था कि वह पहले से ही शादीशुदा था। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह किशोरी को बहकाकर ले गया था। उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म भी किया था।