फोटो 33- सोनीपत के सेक्टर-15 स्थित श्रीएसएस जैन सभा जैन स्थानक में चातुर्मास पर आयोजित धर्म सभा
सोनीपत। मानव मिलन के संस्थापक एवं नेपाल केसरी राष्ट्र संत डॉ. मणिभद्र मुनि महाराज ने कहा कि जीवन में किसी भी कठिनाई का सामना करते समय मनुष्य स्वयं से सवाल करे कि क्या वह अपनी पूरी जिम्मेदारी निभा रहा है। जीवन में आई मुश्किलों का जिम्मेदार मनुष्य कितनी बार खुद को मानता है? यदि वह हमेशा दूसरों को दोष देता है तो अपनी गलतियों से कुछ नहीं सीख सकता।
डॉ. मणिभद्र महाराज सेक्टर-15 स्थित श्रीएसएस जैन सभा जैन स्थानक में चातुर्मास पर आयोजित धर्म सभा में प्रवचन कर रहे थे। मुनि महाराज ने कहा कि यही कारण है कि आत्म विश्लेषण अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। आत्म विश्लेषण का अर्थ केवल गलतियों को स्वीकार करना ही नहीं, बल्कि यह समझना भी है कि हम कैसे अपने व्यवहार, सोच व आदतों में सुधार कर सकते हैं। आत्म विश्लेषण से ही मनुष्य जीवन की दिशा तय कर सकता है।