फोटो : सोनीपत के खरखौदा में नालें में भरी गंदगी देख जेई को ठीक से सफाई कराने के आदेश देते एसडीए
खरखौदा। बारिश के मौसम में पानी निकासी के मद्देनजर शुक्रवार को एसडीएम अमित कुमार व्यवस्था देखने निकले। इस दौरान नालों की सफाई व्यवस्था देख एसडीएम न केवल नाराज हो गए बल्कि नगर पालिका के जेई हरीश मलिक को फटकार भी लगाई। एसडीएम ने कहा कि खुले नालों का ढका जाए। नालों की सफाई में भी हो रही खानापूर्ति पर एसडीएम ने ठीक से सफाई करने के आदेश दिए।
एसडीएम अमित कुमार ने शहर का दौरा करते हुए पानी निकासी की व्यवस्था को देखा। पहले वह शहर के मटिंडू मार्ग पर अधूरे पड़े नाले का निर्माण पूरा करने के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए। वहीं इसके साथ उन्होंने दिल्ली मार्ग का भी दौरा किया।
इस दौरान नालों के खुले होने पर एसडीएम अमित कुमार ने नगर पालिका के जेई से पूछा कि जब तीन नए स्लैब रखे गए तो जगह होने पर चौथा स्लैब क्यों नहीं रखा गया? किसका इंतजार किया जा रहा है? इसके बाद एसडीएम सड़क के दूसरी तरफ पहुंचे तो दुकानदार उनके पास आ गए।
एसडीएम ने दुकानदार से पूछा नालों के स्लैब कहां हैं? तो दुकानदार बोला सफाई करने वाले उनके स्लैब ही उठाकर आगे ले गए हैं। एसडीएम ने कहा नालों की सफाई तो ठीक हो गई होगी? तो दुकानदार बोला कुछ नहीं हुआ है, सामने भरा खड़ा है नाला। इस पर एसडीएम ने जेई हरीश को फटकार लगाई तो जेई ने कहा कि यहां पर पक्के स्लैब लगाए जाएंगे। एकत्रित लोगों ने एक-एक कर बहुत सी खामियां एसडीएम के समक्ष गिनाई। इस पर एसडीएम ने जेई को तत्काल प्रभाव से सफाई करने व खुले पड़े नालों पर स्लैब रखने के आदेश दिए।
नगरपालिका की तरफ से इन दिनों शहर के नालों के स्लैब हटाकर उन्हें साफ किया जा रहा है। ऐसे में इस दौरान अगर कोई स्लैब टूट जाता है तो उसकी जगह ठेकेदार को ही नया स्लैब भी रखना है। लेकिन यह स्लैब इतने कमजोर हैं कि बुलडोजर से उठाने व नालों पर रखने के दौरान ही टूट जाते हैं। ऐसे में जगह-जगह नगरपालिका के जेई की ओर से यह कहा जा रहा है कि प्री-कास्ट स्लैब रखने के बजाए यहां पर स्थायी स्लैब का निर्माण करा दिया जाएगा। एसडीएम के समक्ष भी जेई ने यही बात कही। अब सवाल यह उठता है कि जिस ठेकेदार को यह टेंडर देकर पूरी पेमेंट की जा रही है तो उसकी ओर से रखे जाने वाले स्लैब कच्चे क्यों हैं?