दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि मुरथल में रविवार को विद्यार्थी विज्ञान मंथन पर राज्य स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास में विज्ञान का अहम रोल होता है। हमें देश को आगे ले जाने के लिए अधिक वैज्ञानिकों की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को विज्ञान एवं सूडो विज्ञान में भेद को समझने की आवश्यकता है। वर्तमान समय में नवीनतम तकनीक के साथ-साथ विज्ञान के दुष्परिणामों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने कहा कि हमें विज्ञान को मानव कल्याण के लिए प्रयोग करना चाहिए। जिससे मानव का जीवन यापन सरल और सुगम हो सके। हमारे राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल है, क्योंकि वैज्ञानिक अपनी प्रतिभाओं का हर स्तर पर लोहा मनवा रहे हैं। हमारे देश में प्रतिभा की कमी नहीं है, हमें अपने देश की प्रतिभा को तराशना होगा। विद्यार्थियों को अपने पाठयक्रम के साथ-साथ दार्शनिक ग्रंथों का भी अध्ययन करना चाहिए, ताकि वह भविष्य में विज्ञान का मानव के कल्याण के लिए सदुपयोग कर सके।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम के कोर्डीनेटर एसोसिएट प्रो. दिनेश सिंह ने कहा कि इसमें 13 जिलों के 141 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। विद्यार्थियों को दो भागों में विभाजित किया गया है। जूनियर में छठी से आठवीं और सीनियर वर्ग में 9 से 11 तक की कक्षा को रखा गया है। उन्होंने कहा कि रसायन, भौतिकी, जैविक और गणित की परीक्षाओं के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं में विशेषज्ञों की ओर से विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा। इस दौरान छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. विजय शर्मा, प्रो. संजीव माकिन, डॉ. संजीव इंदौरा, डॉ. सुमित मलिक, डॉ. रविंद्र कुमार, डॉ. रुमन, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. सुमन, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. कुलदीप, डॉ. अनू, डॉ. रीता, डॉ. रेनु, डॉ. सविता दहिया, अमित दहिया, सृष्टि, अक्षिता, माधव, सोनल, वंदना, कुलदीप सिंह, आनंद आदि मौजूद रहे।