सोनीपत में प्रदर्शन करते सरपंच।
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सोनीपत में ई-टेंडरिंग और राइट टू रिकॉल के विरोध में सरपंच अनोखे तरीके अपना रहे हैं। शनिवार को सरपंच बीडीपीओ कार्यालय में धरनास्थल पर एकत्रित हुए। यहां से सभी गांधी चौक पर पहुंचे और महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ नारेबाजी की। सरपंचों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के पोस्टर लगाकर उन्हें बापू के तीन बंदरों की संज्ञा दी।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने कहा कि बापू के तीन बंदर जहां बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो और बुरा मत देखो की सीख देते हैं। वहीं सरकार इनके विपरीत काम कर रही है। बुरा बोलती है, बुरा सुनती है और बुरा देखती है। सरपंचों ने तीनों पोस्टरों के नीचे कैप्शन भी लिखा। जिसमें मुख्यमंत्री कह रहे हैं कुछ नहीं सुनूंगा गठबंधन सरकार चलानी है। पंचायत मंत्री कह रहे हैं कि बुरा बोलूंगा तीन साल बाद मंत्रालय मिला है और उप मुख्यमंत्री के पोस्टर पर कैप्शन लिखा कि कुछ नहीं देखूंगा, मुश्किल से सरकार में हिस्सा मिला है। सरपंचों ने करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किया और दोनों नियमों को खत्म करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक उनकी मांग पूरी नहीं करती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।