सोनीपत। पंचायत चुनाव में नामांकन के दौरान आठवीं कक्षा का फर्जी प्रमाणपत्र जमा कराने के मामले में गांव जागसी सूरा की सरपंच कोमल को पद से बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद उपायुक्त ने यह कार्रवाई की। इसके साथ ही सरपंच का पद रिक्त हो गया है।
कोमल ने अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित सरपंच पद का चुनाव जीता था। पंचायत चुनाव में इस पद के लिए सरकार की ओर से शैक्षणिक योग्यता आठवीं कक्षा में उत्तीर्ण होना निर्धारित की गई थी। नामांकन पत्र के साथ कोमल ने बागपत जिले के गांव गुना स्थित भगवती इंटरनेशनल हाई स्कूल का आठवीं कक्षा का प्रमाणपत्र जमा कराया था।
गांव के ही चेतराम ने प्रमाणपत्र को फर्जी बताते हुए शिकायत की थी। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान संबंधित स्कूल प्रबंधन से प्रमाणपत्र के संबंध में जानकारी ली गई। स्कूल प्रशासन ने प्रमाणपत्र जारी करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद प्रमाणपत्र फर्जी होने की पुष्टि हुई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त ने कोमल को सरपंच पद से बर्खास्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद जागसी सूरा का सरपंच पद पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने से करीब एक वर्ष पहले ही रिक्त हो गया है। अब पंचायत के किसी पंच को सरपंच पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए पंचों की बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में बहुमत रखने वाले पंच को जिम्मेदारी सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वर्जन
जागसी सूरा की सरपंच कोमल को बर्खास्त कर दिया गया है। आठवीं कक्षा का प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है। उपायुक्त ने जांच के बाद बर्खास्तगी के निर्देश दिए हैं।
मनीष मलिक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी