चटिया औलिया में किशोरी की संदिग्ध मौत का मामला, पुलिस फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट के आधार पर करेगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गन्नौर। गांव चटिया औलिया में किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। मामले में हत्या की आशंका के बीच पुलिस और एफएसएल टीम ने श्मशान घाट पहुंचकर चिता की राख, अस्थियां और अन्य अवशेषों के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार नाबालिग स्कूल से घर लौटने के कुछ समय बाद ही संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली थी। मृतका के गले पर चोट के निशान दिखाई देने के बाद गांव में हत्या की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। शुरुआत में परिवार की ओर से बच्ची की तबीयत खराब होने की बात कही गई थी लेकिन जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किए जाने से ग्रामीणों का शक और गहरा गया।
ग्रामीणों ने मामले की सूचना गांव के सरपंच जसबीर को दी थी। सरपंच ने तुरंत पुलिस को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। हालांकि, पुलिस के गांव पहुंचने से पहले ही परिजन अंतिम संस्कार कर चुका था। इसके बाद पुलिस ने श्मशान घाट पहुंचकर चिता की राख और अस्थियां कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू की है।
सरपंच की शिकायत पर गन्नौर थाना पुलिस ने नाबालिग की मां और उसके दूसरे पति के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।
पहले भी एक बेटी की रहस्यमयी परिस्थितियों में हो चुकी है मौत
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक नाबालिग महिला की पहली शादी से हुई संतान थी। महिला दूसरी शादी के बाद अपनी तीनों बेटियों को साथ लेकर गांव चटिया औलिया में रह रही थी। दूसरी शादी से महिला को एक बेटा और एक बेटी हैं। बताया गया है कि पहली शादी से हुई एक अन्य बेटी की करीब एक वर्ष पहले संदिग्ध परिस्थितियों में तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। अब दूसरी बेटी की भी संदिग्ध हालात में मौत होने से पुलिस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
पूछताछ में बदल रही महिला के बयान
एसीपी ऋषिकांत ने बताया कि पूछताछ के दौरान महिला लगातार अलग-अलग बयान दे रही है। कभी वह मौत का कारण पेट दर्द बता रही है। कभी काला पीलिया बीमारी, जबकि बाद में आत्महत्या की बात भी कही गई। बयानों में लगातार बदलाव होने से संदेह और गहरा गया है। उन्होंने बताया कि एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।