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Sonipat News: अनुपचारित पानी ड्रेनों में छोड़ने की शिकायत पर औद्योगिक इकाइयों से लिए सैंपल

Wed, 18 Feb 2026 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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औद्योगिक इकाइयों में पानी की जांच करती प्रशासन की टीम। स्रोत : प्रवक्ता
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सोनीपत। ड्रेन-6 और मुंगेशपुर ड्रेन के पानी की बिगड़ती गुणवत्ता को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। डीसी सुशील सारवान ने बुधवार को अपने नेतृत्व में गठित 8 टीमों को लेकर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। प्रशासन को शिकायत मिल रही थी कि औद्योगिक इकाइयों से लगातार अनुपचारित पानी ड्रेनों में छोड़ा जा रहा है।
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निरीक्षण के दौरान एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के इनलेट व आउटलेट से जल के नमूने लेकर परीक्षण के लिए हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की प्रयोगशाला, फरीदाबाद भेजे गए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की तरफ से चिह्नित जिले के 8 औद्योगिक पॉकेट्स में टीम ने निरीक्षण किया। इसमें नाथुपुर, अकबरपुर बरोटा, राठधना, बहालगढ़ रोड, पियाऊ मनियारी, कुंडली, मुरथल, लिवासपुर, रामनगर, धतूरी, सनपेड़ा, भिगान रोड, कामी रोड, लड़सौली और खरखौदा क्षेत्रों में उद्योगों की जांच की गई।
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हर टीम में एचएसपीसीबी के फील्ड अधिकारी के साथ संबंधित विभाग के अधिकारी शामिल रहे। अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन और एचएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अजय मलिक ने भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण की मॉनिटरिंग की।

सीईटीपी से बाहर चल रहे उद्योग रडार पर
कार्रवाई का मुख्य फोकस उन जल प्रदूषणकारी उद्योगों पर रहा जो कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) से जुड़े नहीं हैं और एचएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्रों के बाहरी जोन में संचालित हो रहे हैं।
यह अभियान स्पेशल एंवायरनमेंट सर्विलांस टास्क फोर्स (एसईएसटीएफ) की सिफारिशों पर चलाया गया। प्रशासन का उद्देश्य ड्रेनों में अवैध डिस्चार्ज रोकना और अंततः यमुना नदी की जल गुणवत्ता में सुधार लाना है।
पर्यावरण मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में सहन नहीं की जाएगी। यदि जांच रिपोर्ट में नमूने निर्धारित मानकों से अधिक पाए जाते हैं तो संबंधित उद्योगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उद्योग संचालक अपने ईटीपी व एसटीपी का नियमित संचालन सुनिश्चित करें। उपचारित जल का पुन: उपयोग करें और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा एचएसपीसीबी के निर्धारित मानकों का पालन करें। -सुशील सारवान, उपायुक्त, सोनीपत।

प्रयोगशाला से विश्लेषण रिपोर्ट मिलते ही दोषी इकाइयों की पहचान कर नियमानुसार नोटिस, जुर्माना या बंद करने जैसी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, आने वाले समय में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
अजय मलिक, क्षेत्रीय अधिकारी, एचएसपीसीबी

औद्योगिक इकाइयों में पानी की जांच करती प्रशासन की टीम। स्रोत : प्रवक्ता

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