सोनीपत। गांव सफियाबाद के सरपंच सुखबीर दत्त को राहत देते हुए रोहतक मंडल के आयुक्त ने निलंबन आदेश रद्द कर उन्हें पद पर बहाल कर दिया है। पंचायती जमीन पर कब्जे के आरोप में निलंबित किए गए सरपंच के मामले में जांच के बाद आरोप निराधार पाए गए जिसके बाद बहाली का फैसला लिया गया।
गांव सफियाबाद के सरपंच सुखबीर दत्त कौशिक के खिलाफ पंचायती जमीन पर मकान व कार्यालय बनाने की शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच राई के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) की तरफ से की गई थी। बीडीपीओ ने 5 दिसंबर 2025 को अपनी जांच रिपोर्ट में आरोपों को सही ठहराते हुए रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी थी।
इस रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन उपायुक्त सुशील सारवान ने सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी करने के करीब एक माह बाद 13 जनवरी को पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 175 (एन) के तहत निलंबित कर दिया गया था। निलंबन आदेश के खिलाफ सरपंच सुखबीर दत्त कौशिक ने रोहतक मंडल के आयुक्त के समक्ष अपील दायर की थी।
आयुक्त राजीव रतन ने मामले की दोबारा जांच करवाई जिसमें आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी और उन्हें बेबुनियाद पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त ने निलंबन आदेश को निरस्त करते हुए सरपंच को पद पर बहाल कर दिया। इस फैसले के बाद सरपंच ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास था और अंतत: सत्य की जीत हुई है।