फोटो 21: सोनीपत शहर में जुलूस निकालते ग्रामीण सफाई कर्मचारी। स्रोत: यूनियन
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सोनीपत। ग्रामीण सफाई कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर शहर में जुलूस निकाला और लघु सचिवालय में पहुंचकर एसडीएम सुभाष चंद्र को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला संयोजक राजेश कुमार टोकी ने कहा कि सरकार ने 11 वर्ष में सफाई कर्मचारियों की स्थायी भर्ती नहीं की और न ही कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया।
24 नवंबर 2024 को जींद में घोषित वेतन अब तक लागू नहीं किया गया जबकि शहरी कर्मचारियों को इसका लाभ मिल चुका है। सह संयोजक राजेश रसोई ने पंचायत विभाग की ओर से जारी निर्देशों को कर्मचारियों के लिए बेगार का लाइसेंस बताया। उन्होंने कहा कि इस आदेश ने सफाई कर्मियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाया है।
उन्होंने प्रस्ताव रखा कि बीडीपीओ के अधीन 5-6 गांवों का जोन बनाकर एक सुपरवाइजर लगाया जाए और ऑफलाइन हाजिरी का प्रावधान किया जाए। यूनियन ने आरोप लगाया कि सरकार एक हजार की आबादी पर एक कर्मचारी लगाने की घोषणा पूरी नहीं कर पाई, जिससे आज ग्रामीण क्षेत्रों में 9795 पद खाली पड़े हैं।
बजट हर महीने जारी होने से भी वेतन समय पर नहीं मिल पाता और कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। यूनियन ने चेतावनी दी कि मांगे पूरी न होने पर फरवरी और मार्च में आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान आजाद, चांद और जसमेर भी मौजूद रहे।