सोनीपत। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन डीजीएम पर एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए उसके खाते में एक करोड़ साढ़े सात लाख रुपये डलवाने का आरोप लगा है। वर्तमान डीजीएम ने उनके खिलाफ सिटी थाना में शिकायत दी है। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के डीजीएम रोहतक रेंज पीसी खुराना ने सिटी थाना में शिकायत दी है कि रोहतक रेंज के तत्कालीन डीजीएम पीके राय ने सोनीपत की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से 31 जुलाई, 2017 को एक करोड़ साढ़े सात लाख रुपये ज्ञानपीठ एजुकेशन सोसायटी के खाते में ट्रांसफर कराए थे। बाद में यह राशि दोबारा बैंक के खाते में ट्रांसफर करा दी गई। उन्होंने बताया कि उस समय ज्ञानपीठ एजुकेशन सोसायटी डिफाल्टर घोषित होने वाली थी। जिसे डिफाल्टर घोषित होने से बचाने के लिए यह राशि डलवाई गई थी। राशि इस तरह डलवाना आरबीआई के नियमों के विरुद्ध है। जिस पर पीसी खुराना ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने उनकी शिकायत पर पीके राय के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वर्जन
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के डीजीएम ने तत्कालीन डीजीएम के खिलाफ बैंक की राशि को अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक फर्म के खाते में डलवाने और बाद में बैंक में ट्रांसफर कराने का आरोप लगाया है। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश कुमार, जांच अधिकारी, थाना सिटी सोनीपत।