गोहाना। रोहतक-पानीपत राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित गांव सैनीपुरा के पास सानिया पांचाल का विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। सानिया पांचाल ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक करीब चार हजार किलोमीटर की मैराथन कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने 121 दिन में पूरी करने का लक्ष्य रखा है। सानिया पांचाल ने लड़कियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार व अपराध को खत्म करने के लिए अभियान चलाया है। वह कश्मीर से मैराथन करते हुए शनिवार को गोहाना पहुंची।
गांव रूखी निवासी रमेश पांचाल ने बताया कि उनकी बेटी सानिया पांचाल ने श्रीनगर के लाल चौक से मैराथन की शुरुआत की थी। सानिया ने खेल क्षेत्र में कई पदक जीते हैं। सानिया की प्रतिभा को देखते हुए बेटी का दाखिला राजस्थान के परबतसर स्थित रॉयल सैनिक स्कूल में करवाया है। मौजूदा समय में सानिया नौंवी कक्षा की छात्रा है। सानिया पांचाल ने बताया कि उनकी मैराथन का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव के प्रति जागरूक करना है। लड़कियां जागरूक होंगी तो भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने संदेश दिया कि बच्चे अपने परिजनों की आज्ञा का पालन करें। कुछ अलग करने की सोच के चलते मैराथन शुरू की है, ताकि लड़कियों को जागरूक किया जा सके और बेटियां मुश्किल समय में अपनी रक्षा कर सकें। मैराथन के माध्यम से सभी बेटियों को संदेश देना है कि वे किसी से कम नहीं है और वह जो काम करना चाहें, उसको कर सकती हैं। स्वागत के दौरान श्री विश्वकर्मा पांचाल महासभा हरियाणा की गोहाना इकाई के अध्यक्ष राजेश धर्रा, महासचिव मुख्तार सिंह डांगी, मोनू पांचाल, मास्टर जसवंत पांचाल, वेद प्रकाश पंचाल, रवि दत्त शास्त्री, उमेद पांचाल, सतवीर पांचाल, धर्मवीर पांचाल, विजेंद्र पांचाल व वेद पांचाल मौजूद रहे।
सानिया पांचाल की उपलब्धियां
सानिया पांचाल ने वर्ष 2022 में जिलास्तरीय अंडर-14 की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था। वर्ष 2023 में जिलास्तरीय अंडर-17 की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, 1500 मीटर व 3000 मीटर में रजत पदक भी जीता था। वर्ष 2024 में जिलास्तरीय अंडर-17 की 400 मीटर दौड़ में रजत पदक व 800 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था।