बहादुरगढ़। सालभर में एक महाशिवरात्रि और 11 शिवरात्रि होती हैं। इन्हें मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। सावन की शिवरात्रि को अत्यंत शुभ माना जाता है जो इस बार यह 23 जुलाई को होगी। इस दिन व्रत रखकर पूजन-अर्चन करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं और हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। सावन के दूसरे सोमवार को रोहिणी नक्षत्र रहेगा। इस नक्षत्र को शुभ माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य लालचंद कॉलोनी निवासी रमेश भगत ने बताया कि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर शिवरात्रि मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार सावन की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 23 जुलाई को सुबह 4 बजकर 39 मिनट से होगी और 24 जुलाई को रात 2 बजकर 28 बजे तक रहेगी।
उदया तिथि के अनुसार सावन शिवरात्रि का व्रत 23 जुलाई को रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सावन के दूसरे सोमवार 21 जुलाई को रोहिणी नक्षत्र का योग रहेगा। इसको अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में गोचर करेगा। साथ ही वृद्धि योग की शुभता भी मिलेगी। कामिका एकादशी का शुभ समय भी रहेगा और सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग प्राप्त होगा।
सावन माह की शिवरात्रि में पूजा की विधि
सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, पंचामृत व जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद फूल, चंदन, फल और धूप-दीप अर्पित करें।
नम: शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
रात्रि जागरण करें, शिव भजन, स्तोत्र या शिव पुराण का पाठ करें।