फोटो : सोनीपत के गांव पबनेरा के पास यमुना का जलस्तर बढ़ने की वजह से हो रहा भूमि कटाव। स्रोत : क
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गन्नौर। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते हथिनीकुंड बैराज से 36 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसका असर नदी किनारे बसे गांवों पर दिखाई देने लगा है। पबनेरा गांव के पास यमुना किनारे खेतों में कटाव शुरू होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर बढ़ने पर फसलों और उपजाऊ भूमि को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
किसानों के अनुसार कई स्थानों पर खेतों की जमीन में करीब 10 फीट तक कटाव हो चुका है। किसान प्रेम ने बताया कि उनकी और किसान बिट्टू की कृषि भूमि में नदी का कटाव शुरू हो गया है। उन्होंने आशंका जताई कि जलस्तर बढ़ने पर पिछले वर्ष की तरह इस बार भी फसल और जमीन को नुकसान हो सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि कटाव रोकने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से 10 ठोकरों के निर्माण को मंजूरी दी गई थी लेकिन कार्य अभी पूरा नहीं हो पाया है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर ठोकर और स्टड निर्माण पूरा हो जाता तो नदी के बहाव से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता था। ग्रामीण प्रदीप ने सिंचाई विभाग से निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने और कटाव रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने की मांग की।
वर्जन
पत्थरों की आपूर्ति में देरी और बारिश के कारण ठोकर निर्माण प्रभावित हुआ। अब कार्य तेजी से कराया जा रहा है और एक सप्ताह में सभी ठोकरों का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि रविवार को विभागीय टीम पबनेरा पहुंचकर कटाव की स्थिति का निरीक्षण करेगी। साथ ही हथिनीकुंड से छोड़े गए पानी का प्रवाह कम होने की उम्मीद जताई।
नितिन भट्ट, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग