-जिले में एक दिन पहले पेट्रोल में 2.60 रुपये, डीजल में 2.70 रुपये की हो चुकी है बढ़ोतरी, अब सीएनजी के रेट 92.50 रुपये पहुंचे
-कच्चे तेल के भाव में बढ़ोतरी से कंपनियां लगातार बढ़ा रही पेट्रोलियम पदार्थों के दाम, एक के बाद एक लग रहे झटके
-वाहन चालकों की अब बढ़ती नजर आ रही परेशानी, माल भाड़े के रेट बढ़ना तय, टैक्सी में भी बढ़ेगा किराया, हर चीज में महंगाई से जूझ सकती है जनता
सोनीपत। एनसीआर क्षेत्र में मंगलवार को सीएनजी के दाम में दो रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई। हालांकि जिले में यह बढ़ोतरी तीन दिन पहले ही लागू हो चुकी थी। ईंधन के दामों में लगातार 12 दिनों में पांचवीं बार हुई बढ़ोतरी के बाद जिले में सीएनजी अब 92.50 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है।
वहीं, एक दिन पहले पेट्रोल और डीजल के दामों में भी चौथी बार बढ़ोतरी हुई। पेट्रोल 2.60 रुपये महंगा होकर 102.72 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जबकि डीजल 2.70 रुपये बढ़कर 95.36 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को मुख्य वजह माना जा रहा है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल-डीजल के दामों में पहली बार सीधे तीन-तीन रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद 19 मई को क्रमश: 87 और 91 पैसे तथा 23 मई को 86 और 91 पैसे की बढ़ोतरी की गई। वहीं 6 मई को सीएनजी के दाम में 80 पैसे प्रति किलो का इजाफा हुआ था।
लगातार बढ़ती कीमतों से लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। लोगों का कहना है कि सरकार और तेल कंपनियां लगातार उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ डाल रही हैं। उनका मानना है कि ईंधन महंगा होने से खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद माल ढुलाई का खर्च बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में सब्जियों, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं के दामों में भी जल्द बढ़ोतरी हो सकती है। लोगों का कहना है कि आमजन पहले ही महंगाई से परेशान है और अब हर क्षेत्र में इसका असर दिखाई देने लगा है। उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कम कर राहत देने की मांग की है।
40 प्रतिशत वाहन चालक सीएनजी पर निर्भर
जिले में इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और रिलायंस के करीब 222 फिलिंग स्टेशनों के माध्यम से प्रतिदिन हजारों लीटर ईंधन की खपत हो रही है। कई पेट्रोल पंपों पर सीएनजी की सुविधा भी उपलब्ध है। जिले में करीब 40 प्रतिशत वाहन चालक सीएनजी पर निर्भर हैं। इनमें माल ढुलाई करने वाले वाहन और टैक्सी चालक बड़ी संख्या में शामिल हैं। ऐसे में सीएनजी के बढ़ते दामों का असर वाहन चालकों के साथ-साथ आम लोगों पर भी पड़ सकता है।