खरखौदा। भीषण गर्मी में बिजली की उपलब्धता से बड़ी चुनौती अब उसकी निर्बाध आपूर्ति बनती जा रही है। तापमान बढ़ने के साथ क्षेत्र में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है और इसका सीधा असर बिजली के ढांचे पर दिखाई देने लगा है। स्थिति यह है कि निगम की टीमें नए कार्यों से अधिक फॉल्ट दूर करने और आपूर्ति बहाल रखने में व्यस्त नजर आ रही हैं।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ते लोड के कारण बिजली नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है। सामान्य दिनों में जहां मांग सीमित रहती थी, वहीं इन दिनों खपत में अचानक आई तेजी ने ट्रांसफार्मरों और वितरण लाइनों की क्षमता को चुनौती दे दी है। कई जगहों पर ओवरलोड के कारण फ्यूज उड़ने और केबल गर्म होकर खराब होने की घटनाएं बढ़ी हैं।
बिजली बाधित होने के बाद लोगों की नाराजगी भी बढ़ रही है। खासकर रात के समय आने वाले फाल्ट लोगों की परेशानी को और बढ़ा देते हैं। कई बार बिजली आपूर्ति बहाल करने में समय लगने से लोगों को गर्मी में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि समस्या केवल कट की नहीं बल्कि उसके बाद समाधान में लगने वाले समय की भी है। दूसरी ओर बिजली निगम का कहना है कि बढ़ती मांग को देखते हुए लगातार सुधार कार्य किए जा रहे हैं। कई ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है ताकि अधिक लोड को संभाला जा सके।
साथ ही फील्ड स्टाफ को फॉल्ट आने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में बिजली की मांग करीब 60 से 70 फीसदी तक बढ़ चुकी है। ऐसे में सिस्टम को संतुलित रखना आसान नहीं है लेकिन मांग के अनुरूप व्यवस्था विकसित करने का काम जारी है।
बिजली व्यवस्था के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां
- अचानक बढ़ा उपभोक्ता लोड
- ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक दबाव
- केबल फॉल्ट और फ्यूज उड़ने की घटनाएं
- शिकायतों की संख्या में बढ़ोतरी
निगम के दावे
- 170 में से 22 ट्रांसफार्मर किए अपग्रेड
- 100 केवीए से बढ़ाकर 200 केवीए क्षमता
- फील्ड स्टाफ को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
- मांग के अनुसार नेटवर्क मजबूत करने की योजना
गर्मी में बिजली की मांग काफी बढ़ी है। ट्रांसफार्मर क्षमता बढ़ाने और फॉल्ट कम करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
- अमित कुमार, उपमंडल अभियंता, बिजली निगम