सोनीपत के नांदनौर में रहने वाले एक किशोर की हत्या से गुस्साएं ग्रामीणों ने शुक्रवार को पहले सामान्य अस्पताल के बाहर और उसके बाद महाराणा प्रताप चौक पर जाम लगाकर जमकर हंगामा किया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि इस मामले में मुरथल थाना पुलिस ने लापरवाही बरती है, जिससे किशोर को बचाया नहीं जा सका। जाम लगाने के दौरान ग्रामीणों की कई वाहन चालकों के साथ झड़प हुई। कुछ वाहन चालकों के साथ ग्रामीणों ने हाथापाई भी की।
जाम की सूचना के बाद पहुंचे डीएसपी वीरेंद्र सिंह व सीआईडी प्रभारी जयपाल सिंह ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। इससे करीब एक घंटे तक वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। दरअसल गांव नांदनौर से 15 फरवरी को संदिग्ध परिस्थिति लापता हुए सचिन (16) का क्षत-विक्षत शव बृहस्पतिवार को कुराड़ के पास एक बंद पड़ी फैक्टरी से बरामद किया गया था।
मूलरूप से डार, पानीपत का रहने वाला सचिन नांदनौर में अपने मामा राजेश के पास रह रहा था। 15 फरवरी को जब वह घर वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने इस संबंध में मुरथल थाना में उसके गायब होने की शिकायत की थी। लेकिन इसके बाद पुलिस किशोर का सुराग नहीं लगा सकी थी। बृहस्पतिवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि बंद फैक्टरी में एक शव पड़ा है।
इसकी शिनाख्त सचिन के रूप में हुई थी। पुलिस के मुताबिक सचिन के सिर व पेट पर तेजधार हथियार के निशान मिले थे। पुलिस ने सचिन की मां कृष्णा की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया था। परिजनों ने इस मामले में डार, पानीपत निवासी दीपक पर हत्या का शव जताया था।
शुक्रवार को ग्यारह बजे किशोर के परिजन सामान्य अस्पताल पहुंच और अपना आक्रोश जताना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और पहले सामान्य अस्पताल के बाहर रोड पर जाम लगा दिया। इसके बाद वे महाराणा प्रताप चौक की ओर बढ़े और जाम लगा दिया। जाम के कारण वाहन चालकोें को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी वीरेंद्र सिंह, सीआईडी प्रभारी जयपाल सिंह, सिक्योरिटी इंचार्ज जय सिंह, मुरथल थाना प्रभारी रणबीर सिंह, सिविल लाइन थाना प्रभारी प्रदीप कुमार, सिटी थाना प्रभारी जयबीर सिंह व सदर थाना प्रभारी दलबीर सिंह मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने समझा बुझाकर जाम खुलवाया। इस दौरान घंटे भर तक सड़क पर अफरातफरी का माहौल बना रहा। वहीं सचिन के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक भिजवा दिया है।
गांव के युवक व उसके परिजनों पर आरोप
सचिन की मां कृष्णा ने गांव डार निवासी दीपक, उसके भाई रवि व अन्य परिजनों पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाया है।
कृष्णा का आरोप है कि महज दस हजार रुपये का लेनदेन के कारण आरोपियों ने उसके बेटे की हत्या कर दी है। कृष्णा ने कहा कि अगर पुलिस सचेत रहती तो उसके बेटे की जान बच सकती थी। लेकिन शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने लापरवाही बरती है।
डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी। जांच का जिम्मा मुरथल थाना के बजाय स्पेशल स्टाफ को सौंप दिया गया। मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।