सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) में आयोजित सांस्कृतिक उत्सव रिदम में विद्यार्थियों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर रंग जमा दिया। विभिन्न गानों पर विद्यार्थियों की नृत्य प्रस्तुतियां देख दर्शक भी झूमने पर मजबूर हो गए। वहीं, सजा दो घर को गुलशन सा, मेरे सरकार आए हैं.... भजन की प्रस्तुति से सभागार का माहौल आध्यात्मिक बन गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया गया कि पिता बच्चों के लिए सुरक्षा कवच होते हैं।
कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि सर्वांगीण विकास के लिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए। इससे उन्हें दूसरे प्रदेश की कला एवं संस्कृति को पास से देखने व समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए अनुशासन में रह कर परिश्रम करना चाहिए। सांस्कृतिक उत्सव में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार नमूना पेश किया, जिसकी कुलपति ने सराहना की। उत्सव में कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने पंजाबी गायक डेवी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
अपनी प्रस्तुतियों से समाज को दिया संदेश
विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संदेश दिया कि बच्चों के लिए पिता समाज के अंदर सुरक्षा कवच का कार्य करते हैं, जब पिता नहीं होते तो बच्चों को किस प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमें अपने पिता का सदैव सम्मान करना चाहिए। एक अन्य नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संदेश दिया कि हमें बेटी को बचाने, पढ़ाने के साथ खेलों में भी आगे बढ़ाना चाहिए, जिससे वह राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दे सकें।
झलकी संस्कृति की झलक
सांस्कृतिक नृत्य में हरियाणवी सभ्यता व संस्कृति पर आधारित ऐसा म्हारा हरियाणा गीत पर दर्शक थिरकने लगे। पंजाबी गाना पिंड दे गेड़े, तेरी काली एक्टिवा दा, एक दिन खड़ गया है...पर सभागार का माहौल पंजाबी बन गया। वहीं हिंदुस्तानी वाद्ययंत्र की प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भजन व गीत की शानदार प्रस्तुति दी। सुगम संगीत गजल में विद्यार्थियों ने एक प्यार का नगमा है गजल पर प्रस्तुति दी। ड्यूएट संगीत में हमारे सिंगिंग सोसाइटी डीसीआरयूएसटी गूंज और लफ्ज ने कमाल का प्रदर्शन किया। लफ्ज ने अपने प्रदर्शन की शुरुआत शिवजी के एक धार्मिक गीत से की और फिर 90 के दशक और 2000 के दशक के बॉलीवुड गीतों के साथ आगे बढ़े। इसके उपरांत बैटल ऑफ बैंड्स का आयोजन किया। समूह नृत्य (पश्चिमी नृत्य) : दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय व दिल्ली विश्वविद्यालय की टीम और बिट्स पिलानी के बच्चों ने अपना बेहतरीन नृत्य दिखा कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया।