गोहाना/सोनीपत। जिला प्रशासन ने गांव सिरसाढ़, मुंडलाना व चिडाना में करीब 300 एकड़ पंचायती जमीन पर कब्जा ले लिया। सोमवार को हुई कब्जा कार्रवाई के दौरान प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इस दौरान डीसी व एसपी के साथ 15 ड्यूटी मजिस्ट्रेट व 1870 पुलिस कर्मी तैनात रहे। कार्रवाई का विरोध करने के लिए एक बार ग्रामीण मौके पर भी पहुंचे लेकिन प्रशासन की सख्ती के चलते वह लौट गए। प्रशासन ने खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों व गन्ने की फसल पर ट्रैक्टर व जेसीबी चलवा कर अवैध कब्जे हटवाए। प्रशासन ने पंचायती जमीन में बने मकानों को भी हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए उन्हें नोटिस दिया जाएगा। अन्य जमीन पर अभी भी सरकारी उपक्रम है। जिससे वह प्रशासन के कब्जे में ही है।
डीसी डॉ. अंशज सिंह ने गांव सिरसाढ़ व उसके साथ मुंडलाना व चिडाना की पंचायती जमीन से अवैध कब्जे हटाने के लिए गोहाना के एसडीएम आशीष वशिष्ठ को प्रभारी नियुक्त किया था। सोमवार सुबह एसडीएम आशीष वशिष्ठ के नेतृत्व में अधिकारी 1870 पुलिस कर्मियों व अधिकारियों के साथ करीब 30 ट्रैक्टर व जेसीबी मशीनें लेकर गांव में पहुंचे। गांव सिरसाढ़ की तरफ जाने वाले अधिकतर रास्तों पर नाकेबंदी की गई थी। नाकेबंदी होने के बाद लोगों को सिरसाढ़ की तरफ जाने से रोक दिया गया। इसके बाद अधिकारी सिवानका-सिरसाढ़ रोड स्थित उस पंचायती जमीन के पास पहुंच गए जहां पर ग्रामीणों ने कब्जे कर रखे थे। इस कार्रवाई के लिए करीब 15 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। प्रशासन ने खेतों में उगी गेहूं, गन्ने व सरसों की फसल पर ट्रैक्टर चलवाने शुरू किए तो वहां करीब 150 ग्रामीण कार्रवाई का विरोध करने पहुंच गए। एक युवक ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया तो मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट आशीष वशिष्ठ व अन्य अधिकारियों ने बाधा डालने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद ग्रामीण वहां से वापस लौट गए। खेतों के विभिन्न रास्तों और मौके पर पुलिस ही पुलिस नजर आई। प्रशासन ने खेतों की पंचायती जमीन से अवैध कब्जे हटवाने कार्रवाई पूरा दिन जारी रखी। कार्रवाई के दौरान डीसी डॉ.अंशज सिंह व एसएसपी अशोक कुमार भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने शाम साढ़े पांच बजे तक कृषि योग्य करीब 300 एकड़ जमीन पर पूरी तरह से कब्जा ले लिया। प्रशासन ने कब्जा कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई है। इस मौके पर एएसपी उदय सिंह मीणा, तहसीलदार गुलाब सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उच्च न्यायालय ने पंचायत के पक्ष में दिया था फैसला
गांव सिरसाढ़ व उसके साथ दो गांवों में लगती 384 एकड़ पंचायती जमीन पर कई साल से ग्रामीणों ने कब्जे कर रखे हैं। यह मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में चला गया था। उच्च न्यायालय ने पंचायत के पक्ष में फैसला सुनाया और प्रशासन को जल्द पंचायती जमीन से अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए। न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने कार्रवाई की। प्रशासन ने कब्जा कार्रवाई को लेकर पहले ही पूरी तैयारी कर रखी थी। गांव में लाइसेंसी हथियार जमा करा लिए थे। साथ ही गांव में 11 दिसंबर को धारा 144 भी लगा दी गई थी। जिससे शांतिपूर्वक कब्जा लिया जा सके।
मकान मालिकों को दिए जाएंगे नोटिस
पंचायती जमीन पर करीब 25 मकान बने हुए हैं। उन्हें हटाने के लिए अब कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके लिए नोटिस दिया जाएगा। जिसके बाद उनके खिलाफ कानून अनुसार कार्रवाई होगी। अन्य जमीन पर स्कूल, रेलवे लाइन, तालाब व अन्य सरकारी उपक्रम हैं।
गन्ने की फसल काटने को दिया समय, गेहूं की फसल पर चलाए कृषि यंत्र
प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा कब्जा की गई जमीन पर उगाई गन्ने की फसल को काटने के लिए पहले ही समय दे दिया था। गन्ने की फसल को किसान शुगर मिल में ले जा सकें इसके लिए उन्हें अलग से पर्ची दी गई थी। हालांकि गेहूं की खड़ी फसल पर कृषि यंत्र चलाकर उस पर कब्जा लिया गया।
गांव सिरसाढ़ में कब्जा कार्रवाई के दौरान गन्ने की फसल भरकर ले जाते किसान।- फोटो : Sonipat