सोनीपत। शहर के सेक्टर-14-15 रोड पर सामान्य अस्पताल के पीछे सीआईए ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे ऑस्कर अस्पताल के कर्मी को गिरफ्तार किया है। सीआईए को सूचना मिली थी कि कार सवार कर्मी इंजेक्शन की कालाबाजारी कर एक इंजेक्शन 28 हजार रुपये में बेचता है। सीआईए-1 ने उसको तहसीलदार और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम के साथ काबू कर उसके पास से दो इंजेक्शन बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
सीआईए-1 में नियुक्त एएसआई मंदीप सिंह ने सिविल लाइन थाना पुलिस को बताया कि कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए लगाई ड्यूटी में उनकी टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार मनोज के साथ गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि सामान्य अस्पताल के पीछे सेक्टर-14-15 रोड पर एक युवक कार में सवार होकर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहा है। जिस पर तुरंत जिला औषधि निरीक्षक संदीप हुड्डा से संपर्क कर उन्हें बुलाया गया। उसके बाद टीम में शामिल एचसी निरंजन को डमी ग्राहक बनाकर युवक के पास भेजा गया। युवक ने एक इंजेक्शन का सौदा 28 हजार रुपये में किया। साथ ही इंजेक्शन के बदले निरंजन ने युवक को दो-दो हजार रुपये नोट देकर अन्य पैसों का जल्द इंतजाम करने को कहा। इसके बाद उसने पुलिस टीम को इशारा कर दिया। पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। उसने अपनी पहचान मूलरूप से गांव पिनाना फिलहाल सेक्टर-14 निवासी अनिल के रूप में दी। पुलिस ने उसके पास से इंजेक्शन रेमडेसिविर की दो शीशी बरामद की हैं। एक इंजेक्शन हैटरो कंपनी का और दूसरा लाइफिलीजाइड कंपनी का मिला। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह ऑस्कर अस्पताल में कर्मचारी और मार्केटिंग विभाग में है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
25 हजार में लिए थे दोनों इंजेक्शन
गिरफ्तार आरोपी अनिल ने पुलिस को शुरुआती पूछताछ में बताया है कि उसने दोनों इंजेक्शन गन्नौर क्षेत्र के गांव के रहने वाले युवक से 25 हजार रुपये में लिए थे। हालांकि उसने युवक का नाम नहीं बताया है। पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य सभी आरोपियों का पता लगाने के साथ ही अन्य इंजेक्शन बरामद करने का प्रयास कर रही है। पुलिस टीम आरोपी को साथ लेकर सोनीपत के साथ ही पानीपत में भी दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपी भी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे।
वर्जन
रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में पकड़ा गया कर्मचारी चिकित्सकीय टीम का हिस्सा नहीं है। वह अस्पताल में पीआरओ के पद पर है। हालांकि लॉकडाउन के चलते वह अस्पताल नहीं आ रहा था। कभी-कभार कुछ समय के लिए आ जाता था।
- डॉ. हितेष कुमार, आस्कर अस्पताल।
वर्जन
रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने की शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद से टीम लगातार आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही थी। अब उसे रंगे हाथ कालाबाजारी करते पकड़ लिया है। उसके इंजेक्शन लेकर आने और उसके साथ जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में गहनता से पूछताछ की जाएगी।
- रवींद्र कुमार, प्रभारी सीआईए-1