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चंदा से मांगी पिया के लिए चांद जितनी उम्र

Sat, 31 Oct 2015 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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सुहागिनों का सबसे बड़ा त्यौहार है करवाचौथ। कई दिनों सज रहे बाजारों की रौनक शुक्रवार को करवाचौथ के दिन देखने लायक रही। आम हो या खास, हर सुहागिन पूरा दिन पति की लंबी उम्र की कामना लिए भूखी-प्यासी रही। महिलाओं ने रात को चांद निकलने के बाद अपना व्रत खोला। इससे पहले जिलेभर में सामूहिक पूजन का दौर चला। दोपहर 3 बजे के बाद शाम 6 बजे तक विभिन्न पार्कों, गली-मोहल्लों में करवाचौथ की कथा सुनाई गई और पूजा आदि की गई। विशेषतौर पर सेक्टरों में बने पार्कों में कथा की खास चर्चाएं रहीं। महिलाओं ने इकट्ठे होकर कथा सुनी और सुनाई। जिन नवविवाहितों का यह पहला या दूसरा करवाचौथ था, वे विशेष रूप से सज-धज कर कथा सुनने और पूजन कार्य के लिए पहुंची थी।
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पहला करवाचौथ, पराए बन गए अपने
मूल रूप से गुजरात की रहने वाली आरती की शादी इसी साल 10 फरवरी को अमित के साथ हुई थी। दोनों सेक्टर-15 स्थित एक मकान में किराए पर रहते हैं। पावर प्लांट में मैनेजमेंट के तौर पर काम करने वाले अमित ने शाम तक घर पहुंचने का वादा किया था, लेकिन छह बज गए थे और अमित नहीं आए थे। इसके चलते आरती थोड़ी निराश थी। हालांकि हाथों में पूजा की थाली लिए आरती ने अपनी निराशा को खुशी में बदला और पहुंच गई पूजा के लिए। पहला करवाचौथ और परिवार का कोई साथ नहीं था। इसके बावजूद आरती को कोई कमी महसूस नहीं हुई। सेक्टर में रहने वाली पड़ोसी उषा भंडारी एवं अन्य महिलाओं ने उसे पूरी तरह से रस्म और रीति-रिवाजों के बारे में समझाया। आरती भी पूजा के बाद बेहद खुश नजर आई। आरती ने अमर उजाला के साथ बातचीत के दौरान बताया कि पहले वो हिचक रही थी, क्योंकि नए-नए आए हैं। लेकिन अब सारी हिचकिचाहट दूर हो गई है।

पहला करवाचौथ, काम छोड़कर आए चिराग
सेक्टर-15 के मकान नंबर 652 में रहने वाले चिराग की शादी इसी वर्ष रोहतक की रहने वाली दिव्या के साथ 17 फरवरी को हुई थी। इस जोड़े का यह पहला करवाचौथ है। दिव्या बेहद खुश है कि चिराग ने करवाचौथ से पहले उसकी हर डिमांड को पूरा कर दिया। वहीं चिराग भी खुश है कि दिव्या उनके लिए इतना कुछ कर रही है। हालांकि चिराग को थोड़ी चिंता भी है कि दिव्या ने पूरे दिन से पानी भी नहीं पिया है। बकौल चिराग पहले तो उसका भी इरादा था दिव्या के साथ करवाचौथ का व्रत रखने का, लेकिन दो दिन से तबियत खराब होने से वह व्रत नहीं रख पाया। इसके बावजूद बन्नी किचन के नाम से मशहूर रेस्त्रां चलाने वाले चिराग ने अपना काम छोड़कर दिव्या के साथ पूरे दिन समय बिताया।
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मंत्री से पहले पत्नी हूं, श्रेय पति को : कविता जैन
करवाचौथ पर कैबिनेट मंत्री कविता जैन और राजीव जैन ने लगभग पूरा दिन साथ में समय बिताया। रीति-रिवाज के अनुसार व्रत रखा और देर शाम चंद्रमा के दर्शनों के बाद पति राजीव जैन के दर्शन किए और फिर अपना व्रत खोला। जब हमारे संवाददाता ने कविता जैन से पूछा तो उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार में मंत्री से पहले मैं पत्नी हूं। मुझे पता है कि पत्नी के क्या दायित्व हैं, मैं उन्हें हरहाल में पूरा करने की कोशिश करती हूं। करवाचौथ बेशक एक पत्नी के लिए सबसे बड़ा त्यौहार होता है और मेरे लिए भी है। उन्होंने कहा कि आज अगर वह कैबिनेट मंत्री हैं तो इसका श्रेय पति राजीव जैन को जाता है। जब भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि हर एक पति की तरह मैं भी अपनी पत्नी का ख्याल रखता हूं। वैसे भी अपना परिवार छोड़कर वे लोग हमारा परिवार बसाने आती हैं, ऐसे में उन्हें जो जरूरत है, उसे पूरा करना हमारा फर्ज भी है।
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