सिंचाई विभाग ने मंगलवार रात क ो ड्रेन-8 में करीब 4 हजार क्षमता से दो सौ क्यूसेक अधिक पानी छोड़ दिया। इससे ड्रेन नंबर आठ दो गांवों में ओवरफ्लो हो गई। इस कारण किसानों की 400 एकड़ से अधिक फसल डूब गईं। इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम, नायब तहसीलदार के अलावा बरोदा हलका के कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे। यहां किसानों ने संबंधित अधिकारियों पर ड्रेन की सफाई न करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही पानी भरने से फसल में नुकसान की आशंका जताई।
गोहाना शहर के बीचोंबीच होकर गुजर रही ड्रेन-8 में मंगलवार शाम को पानी की मात्रा कम थी, लेकिन किसान बुधवार सुबह जब खेतों की तरफ गए तो ड्रेन ओवरफ्लो मिली। विभाग ने मंगलवार रात को ड्रेन में 4200 क्यूसेक पानी छोड़ दिया। ऐसे में गोहाना में ड्रेन-8 से निकल रही ड्रेन-3 की पटरी तीन जगह से ओवरफ्लो हो गई। इससे ड्रेन के आसपास 250 एकड़ से अधिक फसल में पानी भर गया। इसके अलावा मोई हुड्डा व पुठी गांव में भी ड्रेन ओवरफ्लो होने से करीब 170 एकड़ में फसल जलमग्न हो गई। इसकी सूचना मिलते ही पटवारी व कानूनगो मौके पर पहुंचे। इसके बाद बरोदा हलका के विधायक इंदुराज नरवाल, एसडीएम प्रदीप कुमार, नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार, सिंचाई विभाग के एक्सईएन मंदीप गुलिया ने भी जायजा लिया। यहां विधायक व एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को मिट्टी डालकर खेतों में पानी जाने से रोकने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उच्च अधिकारियों से बातचीत करते ड्रेन में पानी को भी कम कराया।
क्षमता से अधिक पानी छोड़ने व सफाई न होने से हुआ नुकसान : इंदुराज
ड्रेन का जायजा लेने पहुंचे बरोदा हलका के विधायक इंदुराज नरवाल ने कहा कि ड्रेन की क्षमता 4000 क्यूसेक पानी की है, लेकिन विभाग ने इसमें 4200 क्यूसेक छोड़ दिया। इससे पहले ड्रेन की सफाई भी सही तरीके से नहीं की गई है। कई जगह तो इसकी पटरी काफी कमजोर है। पानी भरने से जहां किसानों को नुकसान हुआ है, वहीं अगर बारिश आती है तो इस कारण बड़ा हादसा होने की आशंका है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सरकार से भी किसानों को 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।
यह कहना है किसानों का
ड्रेन-3 व 8 की पटरी उनके खेत से लगती है। रात को इसमें पानी आया तो वह उनके खेतों में ओवरफ्लो हो गया। इसके बाद पटरी भी टूटती गई। इस कारण खेतों में करीब छह फुट तक पानी भर गया है। ड्रेन की पटरी सफाई न होने के कारण ओवरफ्लो हुई है, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है।
- अजमेर सिंह, किसान।
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हाल ही में 17 एकड़ में धान की फसल की रोपाई की थी, लेकिन ड्रेन ओवरफ्लो होने के कारण पूरी फसल डूब गई है। इससे मुझे काफी नुकसान हुआ है। यह नुकसान अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुआ है। वह न तो ड्रेन की सफाई करा रहे हैं और लगातार पटरी के किनारे से मिट्टी को उठवाया जा रहा है।
- अनूप, किसान।
वर्जन
रोहतक, महेंद्रगढ़ समेत कई जिलों ने ड्रेन का पानी लेने से मना कर दिया है। इस कारण ड्रेन में पानी ज्यादा आने के कारण ओवरफ्लो हो गया। खेतों में जाकर पानी भरने का जायजा भी लिया है। जहां मिट्टी का कटाव था, वहां संबंधित अधिकारियों से कहकर उसे बंद करा दिया है। इसके साथ ही ड्रेन में पीछे से भी पानी कम करा दिया है। इससे ड्रेन और खेतों में पानी की मात्रा कम हो गई है।
- प्रदीप कुमार, एसडीएम गोहाना।