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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए : डीसी

Fri, 22 May 2026 10:14 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राष्ट्रीय जल शक्ति अभियान के मिशन निदेशक सुधीर राजपाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से चर्चा की गई। वहीं उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
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मिशन निदेशक और अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कचरे के वैज्ञानिक सेपरेशन प्रबंधन, संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सूखे, गीले, सफाई व विशेष प्रकार के कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने की व्यवस्था को प्राथमिकता दें।

उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन कर नियमों के प्रभावी अनुपालन की निगरानी की जाए। सभी प्रसंस्करण इकाइयों का पंजीकरण अनिवार्य करने व नगर परिषद, नगर पालिका और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल करते हुए विशेष प्रकोष्ठ गठित करें।
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उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय और पंचायतें इस अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने स्रोत स्तर पर कचरे के सेपरेशन को बढ़ावा देने पर विशेष दिया। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए 30 फीसदी बजट निर्धारित किया गया है। साथ ही प्लास्टिक कचरा, बैटरी कचरा एवं कंप्यूटर कचरे के पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि पर्यावरण संरक्षण को मजबूत किया जा सके।
उपायुक्त नेहा सिंह ने निर्देश दिए कि जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक तिमाही में प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाए। साथ ही सभी कचरा प्रबंधन स्थलों एवं व्यवस्थाओं की भौगोलिक टैगिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यों की पारदर्शिता एवं निगरानी बेहतर ढंग से की जा सके। संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उड़नदस्ता टीमों का गठन किया जाएगा जो नियमित रूप से निरीक्षण एवं निगरानी का कार्य करेंगी। उपायुक्त ने कहा कि शहरों एवं गांवों को स्वच्छ, सुंदर एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से भित्ति चित्रकला एवं जनजागरूकता गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाए।
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