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कोरोना वायरसः अजरबैजान में फंसे हरियाणा व पंजाब के पहलवान लौटे, अब सेंटर पर करेंगे प्रैक्टिस

Wed, 18 Mar 2020 11:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो अंकित चौहान, सोनीपत
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हवाई जहाज
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कोरोना वायरस के कारण ओलंपिक क्वालीफाइंग की तैयारी करने वाले हरियाणा व पंजाब के छह पहलवानों के अलावा तीन कोच व एक मसाजर की कई दिनों तक सांसें अटकी रहीं। यह सभी अजरबैजान में फंस गए थे और वहां लगभग डेढ़ महीने तक सीमाएं सील करने की घोषणा कर दी गई थी। लेकिन पहलवानों व कोच ने सही समय पर भारतीय एंबेसी में संपर्क कर लिया और वहां से आखिरी फ्लाइट के बारे में पता चला तो यह सभी उस फ्लाइट से वापस अपने देश लौट सके। इन सभी की एयरपोर्ट पर जांच की गई और यह सभी अपने घर चले गए। पहलवानों ने नेशनल कैंप व साई सेंटर में प्रैक्टिस बंद होने के कारण अब अपने घर के पास ही कुश्ती के सेंटर में प्रैक्टिस करने की बात कही है।
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भारतीय कुश्ती संघ ने ओलंपिक क्वालीफाइंग की तैयारियों के लिए ग्रीको रोमन के पहलवानों को अजरबैजान, फ्री स्टाइल के पहलवानों का रूस व महिला पहलवानों का यूक्रेन में कैंप लगना था। ग्रीको रोमन के ओलंपिक के भार वर्ग वाले छह पहलवान सोनीपत ज्ञानेंद्र, आंशु, सुनील कुमार, नवीन कुमार के अलावा जींद का हरदीप व पंजाब का गुरप्रीत चार मार्च को अजरबैजान चले गए। इनके साथ ग्रीको रोमन के चीफ कोच हरगोविंद, कोच विक्रम, विदेशी कोच टेमो व मसाजर परमजीत भी गए थे।

यह कैंप 21 मार्च को पूरा होना था, लेकिन कोरोना वायरस के कारण वहां सभी स्टेडियम बंद कर दिए गए तो सीमाएं सील करने की घोषणा कर दी गई। जिससे सभी फ्लाइट भी रोकने के आदेश जारी कर दिए गए थे। पहलवान हरदीप ने बताया कि इस आदेश से पहलवान व कोच परेशानी में पड़ गए। क्योंकि सीमाएं सील करने के कारण फ्लाइट नहीं मिलने की परेशानी हो गई। जिसके बाद वह सभी भारतीय एंबेसी में पहुंचे, जहां जानकारी करने पर बताया गया कि एक आखिरी फ्लाइट अभी बाकी है और उसमें सभी को भारत भेजने का प्रयास किया जा सकता है। जिसके बाद उस आखिरी फ्लाइट के सहारे वह भारत आ सके। एयरपोर्ट पर उन सभी की जांच की गई और उनके पूरी तरह से स्वस्थ मिलने पर घर भेज दिया गया।
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अपने स्तर पर करते रहेंगे प्रैक्टिस
पहलवान हरदीप ने बताया कि प्रैक्टिस के बिना ज्यादा समय नहीं रहा जा सकता है। क्योंकि वह ज्यादा समय प्रैक्टिस के बिना रहेंगे तो उनको दोबारा से लय में आने में समय लगेगा। उनका नेशनल कैंप स्थगित कर दिया गया है तो साई सेंटर के अंदर भी प्रैक्टिस बंद कर दी गई है। इस कारण अधिकतर पहलवान अपने घर के पास ही प्रैक्टिस करेंगे। हालांकि वहां विपक्षी पहलवान के भार वर्ग को लेकर परेशानी आएगी, लेकिन प्रैक्टिस से पूरी तरह से दूर रहने से बेहतर है कि वह किसी भी तरह से प्रैक्टिस करते रहे।
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