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पॉलीग्राफ टेस्ट बताएगा बैंक चोरी की हकीकत

Tue, 18 Nov 2014 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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गोहाना के पंजाब नेशनल बैंक में सुरंग बनाकर करोड़ों रुपये के जेवरात चोरी करने के मामले में यूं तो पुलिस 50 किलो जेवरात बरामद कर चुकी है। इसके बावजूद बाकी रिकवरी के लिए पुलिस ने पॉलीग्राफ टेस्ट का सहारा लेने की ठानी है। इसी के मद्देनजर पुलिस ने जहां तीन आरोपियों को अदालत में पेशकर 4 दिन का रिमांड हासिल कर लिया है वहीं सतीश की पत्नी के साथ पूरे मामले के मास्टरमाइंड रहे मृतक महिपाल की पत्नी और बेटे का भी टेस्ट कराया जाएगा। इन छह लोगों को सोनीपत पुलिस अहमदाबाद ले जाकर सच और झूठ का फैसला करेगी।
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पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की लिस्ट में गांव कटवाल के सतीश, बलराज उर्फ बल्लू और सुरेंद्र उर्फ डॉक्टर का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। इनके अलावा सतीश की पत्नी पिंकी, जिस मकान से सुरंग बनाई गई थी उसके मकान मालिक और पूरे मामले के मास्टरमाइंड रहे महिपाल की पत्नी कमलेश और पुत्र राजकुमार का भी टेस्ट कराया जाएगा।


पॉलीग्राफ, लाई डिटेक्टर टेस्ट या फिर झूठ मापक यंत्र बोले जाने वाले इस टेस्ट के लिए पुलिस ने अदालत से अनुमति ले ली है। अदालती आदेश अहमदाबाद भेज दिया गया है। अब मंगलवार को सभी छह लोगों को अहमदाबाद ले जाया जाएगा।  
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पॉलीग्राफ टेस्ट में व्यक्ति से एक मशीन जोड़ी जाती है। यह मशीन व्यक्ति के हृदय की धड़कन, शरीर की गतिविधियों, आंखों की गतिविधियों पर नजर रखती है। मशीन जोड़ने के बाद जब व्यक्ति से सवाल पूछा जाता है तो जब भी वह जवाब देता है तो मशीन उपरोक्त तीनों चीजों का अध्ययन कर सच या झूठ का फैसला करती है।


एसपी अरुण सिंह ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से अभी पूरी रिकवरी नहीं हो सकी है। इसलिए छह लोगों को पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। अदालत से अनुमति मिल चुकी है। एसपी के अनुसार चोरी किए गए जेवरात और अन्य सामान की पूरी रिकवरी करने के लिए ही यह तरीका अपनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो अन्य आरोपियों को भी इस टेस्ट से गुजारा जा सकता है।
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