सोनीपत। गर्भवती का अल्ट्रासाउंड के लिए प्रजनन और बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) पंजीकरण अनिवार्य है। स्वास्थ्य विभाग ने मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए व भ्रूण लिंग जांच रोकने को लेकर यह कदम उठाया है।
अगर गर्भवती ने एएनएम या आशा कार्यकर्ताओं के पास पंजीकरण नहीं करवाया तो अल्ट्रासाउंड करवाने में बाधा आ सकती है। आरसीएच नंबर के बिना किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर किसी भी गर्भवती की अल्ट्रासाउंड जांच करने पर केंद्र को नोटिस जारी किया जा सकता है।
जिले का लिंगानुपात 918 है। जिले में 105 अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं। अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जाने से पहले हर गर्भवती पंजीकरण जरूर करवा लें। सभी केंद्रों पर आरसीएच पंजीकरण के बाद ही अल्ट्रासाउंड किया जाएगा।
पंजीकरण के बाद विभाग के पास पूरी जानकारी होगी कि वर्षभर में जिले में कितनी गर्भवती रहीं और जन्म लेने वाले शिशु की पूरी जानकारी होगी। पंजीकरण के बाद गर्भपात पर भी नियंत्रण होगा।
गर्भवती महिला का आरसीएच पंजीकरण के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से सत्यापन किया जाएगा। अगर कोई महिला गर्भवती है तो आरसीएच पंजीकरण किसी कारण नहीं हुआ है।
अगर गर्भवती को अल्ट्रासाउंड की तुरंत जरूरत है तो उस समय एएनएम या आशा कार्यकर्ता गूगल फाॅर्म भरकर गर्भवती का अल्ट्रासाउंड कराया जा सकता है। गूगल फार्म भरने के बाद भी आरसीएच पंजीकरण किया जाएगा। आरसीएच पंजीकरण एक कार्ड के रूप में गर्भवती को दिया जाएगा। इसमें महिला का नाम, पता समेत पूरी जानकारी होगी। अगर पहले से बच्चा है तो उसका रिकॉर्ड भी होगा। आरसीएच नंबर से विभाग के पास गर्भवती का पूरा डाटा उपलब्ध रहेगा। यह पंजीकरण प्रसव और पूर्ण टीकाकरण सेवाओं के लिए बच्चों की ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करता है। चिकित्सक का रेफरेंस कार्ड, आधार कार्ड और आरसीएच नंबर बताने पर ही गर्भवती का अल्ट्रासाउंड किया जा सकता है। संवाद