सोनीपत। गोदामों में रखा सैकड़ों क्विंटल गेहूं सड़ गया है। अब इस गेहूं को राशन डिपो में सप्लाई कर गरीबों में बांटा जा रहा है। अधिकतर डिपो में सड़ा हुआ गेहूं पहुंच रहा है। मामला कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठने के बाद डीसी ने जांच के लिए कमेटी भी बनाई थी। जिसने सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे थे। उसके बावजूद अब जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से गांव जठेड़ी के डिपो पर सड़ा हुआ गेहूं भेज दिया गया। जब इसे लोगों में बांटा जा रहा था तो ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। लोगों ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
अधिकारियों की मनमानी सरकार की नीतियों पर भारी पड़ रही है। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठाए गए सड़े हुए राशन का मामला अभी जांच के दायरे में है कि अब फिर राशन डिपो पर सड़ा हुआ गेहूं पहुंचा दिया गया। गांव जठेड़ी में सड़ा हुआ राशन देखकर लोगों ने लेने से साफ इंकार कर दिया है। शुक्रवार को गांव जठेड़ी के एक राशन डिपो पर बीपीएल व एपीएल कार्ड धारकों को वितरित करने के लिए करीब 43 क्विंटल गेहूं पहुंचा था। गेहूं के बोरे को खोला गया तो उनमें से भीगा हुआ व सड़ा गेहूं निकला। इस पर राशन लेने के लिए पहुंचे ग्रामीण भड़क गए और सरकार व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि परिवार को खिलाने के लिए राशन लेकर जाते हैं। इस तरह का राशन खिलाएंगे तो परिवार बीमार हो जाएगा। उन्हें अच्छा गेहूं मुहैया करवाया जाए। इसके बाद वह राशन लेंगे। इस दौरान विनोद, सुरेंद्र, प्रवीन, राजेश, सुनील, अनूप, सुल्तान, राजेद्र, धर्मबीर, बलवान ने विरोध जताया।
कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठा था मुद्दा
इस तरह के गेहूं की सप्लाई का मामला पिछले दिनों कष्ट निवारण समिति की बैठक में परिवहन मंत्री के सामने उठाया गया था। इसमें जांच के आदेश दिए हुए हैं। यह जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है कि एक और गांव में इस तरह का मामला सामने आया है। इससे पहले भी गरीबों के राशन में मिलावट करने का वीडियो वायरल हुआ था, इसमें साफ गेहूं में सड़ा हुआ गेहूं मिलाया जा रहा था। लेकिन इसे विभाग ने यह कह कर दरकिनार कर दिया था यह रूटीन में सफाई अभियान है। ऐसे में अब यह राशन मिलने पर फिर से मामले में जांच की मांग उठने लगी है।
विभाग को गेहूं खराब मिलने की जानकारी दी
खराब गेहूं मामले में जठेड़ी के डिपो होल्डर नवीन ने बताया कि करीब 43 क्विंटल गेहूं सप्लाई के लिए आया था। इसमें से पांच छह बोरे खोले थे। जिनमें भीगा हुआ गेहूं मिला। गेहूं में गांठ व कालापन भी था। कार्ड धारकों ने लेने से मना कर दिया। इस संबंध में विभाग को गेहूं खराब होने के मामले को अवगत करवाया गया है।
गांव जठेड़ी में राशन डिपो पर खराब गेहूं पहुंचने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। यदि ऐसा है तो मामले की जांच करवाई जाएगी। इसमें जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मनीषा मेहरा, डीएफएससी सोनीपत।
गोदामों से राशन डिपो पर बांटने के लिए खराब गेहूं भेजना काफी लापरवाही दर्शाता है। यह मामला संज्ञान में आया है, इसकी जांच कराई जाएगी कि आखिर खराब गेहूं डिपो पर कैसे पहुंच रहा है।
-विजय कुमार, एसडीएम