15 साल की किशोरी को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने के मामले में एडीजे गगनगीत कौर की अदालत ने बिहार निवासी राम संजीवन उर्फ जीवन को 10 साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। उत्तरप्रदेश निवासी एक व्यक्ति ने फरवरी, 2015 को बहालगढ़ चौकी में शिकायत दी थी कि वह फिलहाल बहालगढ़ में किराए पर रहता है। उनके पड़ोस में किराए पर रहने वाला मूलरूप से बिहार के जिला भागलपुर के गांव बनगांव का रहने वाला राम संजीवन उर्फ जीवन उसकी 15 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है।
अपने स्तर पर तलाश करने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं लगा तो पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और 23 फरवरी को आरोपी राम संजीवन को गिरफ्तार कर उसके चंगुल से लड़की को बरामद कर लिया। पुलिस ने लड़की का मेडिकल कराया तो उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म व 4 पोस्को एक्ट में भी मामला दर्ज कर लिया था। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। बुधवार को कोर्ट ने राम संजीवन को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।