बस स्टैंड में गोहाना व रोहतक रूट पर खड़ी प्राइवेट बसें।
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बस स्टैंड में प्राइवेट बस खड़ी कराने के लिए रोडवेज में बड़ा खेल चल रहा है। जिन प्राइवेट बसों का बूथ पर खड़े होने का सात से नौ मिनट तक का समय है, अधिकारियों की नाक के तले वह बस बूथ पर 12 से 22 मिनट तक खड़ी हो रही हैं। वहीं, रोडवेज की बसों को निर्धारित समय पर लगभग 8-12 मिनट में चलता कर दिया जाता है। इससे जहां प्राइवेट बस चालक चांदी कूट रहे हैं, वहीं रोडवेज को लगातार आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
सोनीपत बस डिपो में 160 बसों का बेड़ा है। ये बसें ग्रामीण क्षेत्र से लेकर दूसरे राज्यों में जाती हैं, जबकि गोहाना, रोहतक, पानीपत, खरखौदा समेत कई रूटों पर सड़क परिवहन प्राधिकरण की ओर से लगभग 85 बसों को चलाने का प्राइवेट बसों को परमिट दिया हुआ है। बस स्टैंड से हर रोज लगभग 28 हजार यात्री बसों में यात्रा करते हैं। इसके लिए रोडवेज की ओर से अपनी बसों के साथ ही प्राइवेट बसों के चलने का समय निर्धारित किया हुआ है, लेकिन इस समय में बड़ा खेल किया जा रहा है।
बुधवार को गोहाना रूट पर दोपहर बाद 12:55 बजे एक प्राइवेट बस आकर खड़ी हुई। 1:05 बजे रोहतक रूट की बस आकर खड़ी हुई। गोहाना रूट वाली बस लगभग 22 मिनट के बाद वहां से रवाना हुई, जबकि रोहतक रूट की बस केवल 12 मिनट बाद वहां से रवाना हुई।
प्राइवेट बस का बूथों पर सात से नौ मिनट तक समय निर्धारित किया गया है। हर बस अपने समयानुसार खड़ी होने के बाद रवाना हो जाती है। अगर कोई प्राइवेट बस चालक समय से ज्यादा देर तक बस खड़ी करता है तो उसे तुरंत वहां से रवाना कर दिया जाता है। इसके बाद भी कोई चालक मनमानी कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-कर्मबीर गहलावत, डीआई रोडवेज।