फोटो : सोनीपत के गन्नौर स्थित ऋषि चैतन्य आश्रम में आनंदमूर्ति गुरुमां श्रद्धालुओं का अभिवादन स्
गन्नौर। जीटी रोड स्थित ऋषि चैतन्य आश्रम में श्री रामनवमी एवं आनंदमूर्ति गुरुमां के सन्यास दिवस का आयोजन भक्ति और श्रद्धा के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदना और श्री राम, जय राम, जय जय राम के संकीर्तन से हुई।
आनंदमूर्ति गुरुमां ने अपने प्रवचन में नवमी तिथि के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री राम के जीवन को मर्यादा, ज्ञान और आदर्श आचरण का प्रतीक बताया। उन्होंने देवर्षि नारद के प्रसंग के माध्यम से समझाया कि मन ही साधना में सबसे बड़ी बाधा बनता है और अहंकार पतन का कारण बनता है।
गुरुमां ने कहा कि भगवान श्री राम का अवतार मानव समाज को आदर्श जीवन का मार्ग दिखाने के लिए हुआ। उन्होंने राम-सीता के प्रथम मिलन और राजा जनक की विदेह अवस्था का उल्लेख करते हुए प्रभु की पवित्रता और आकर्षण को रेखांकित किया। अंत में भजनों व संकीर्तन के साथ श्रद्धालु झूम उठे।
फोटो : सोनीपत के गन्नौर स्थित ऋषि चैतन्य आश्रम में आनंदमूर्ति गुरुमां श्रद्धालुओं का अभिवादन स्