फोटो 44- सोनीपत के गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय
सोनीपत। गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में बौद्धिक संपदा अधिकार प्रकोष्ठ व विधि विभाग की ओर से कलात्मक वैज्ञानिक युग में बौद्धिक संपदा का भविष्य : बदलते कानूनी प्रतिमान विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्यातिथि के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. वीके आहूजा ने शिरकत की।
सम्मेलन में 300 प्रतिभागियों ने भाग लिया।मुख्य वक्ता के रूप में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी निदेशालय के वैज्ञानिक डॉ. राहुल तनेजा पहुंचे। सम्मेलन की अध्यक्षता महिला विवि की कुलपति प्रो. सुदेश ने की। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ाना रहा। शैक्षणिक संस्थान में शिक्षण शोध से न केवल संस्थान को विश्व पटल पर पहचान मिलती है, अपितु आर्थिक संसाधनों में भी वृद्धि होती है।
मुख्यातिथि डॉ. वीके आहूजा ने कलात्मक वैज्ञानिक युग से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए कानूनी ढांचे को विकसित करने के महत्व पर जोर दिया। डॉ. राहुल तनेजा ने बौद्धिक संपदा व कलात्मक वैज्ञानिक युग के संबंध में जानकारी दी। बौद्धिक संपदा अधिकार प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद मलिक व विधि विभाग की प्रभारी डॉ. सीमा दहिया मौजूद रही।
पद्मश्री डॉ. संतराम ने मातृभाषा की उपयोगिता पर डाला प्रकाश, फोटो 43
गोहाना। बीपीएस महिला विवि में हिंदी विभाग की ओर से विस्तृत व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में पद्मश्री डॉ. संतराम देशवाल ने मातृभाषा की उपयोगिता व अनिवार्यता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमें जीवन पर्यंत अच्छा शिक्षार्थी बनकर नई-नई सृजना करते रहना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभाग की अध्यक्षा प्रो. मूर्ति मलिक ने की। कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा कि हरियाणा के ग्रामीण आंचल में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिंदी है। डॉ. सुकीर्ति, डॉ. कमल, डॉ. कुलदीप, डॉ. अनीता, डॉ. शीला व डॉ. पूनम मौजूद रही।