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गोहाना में बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, सोनीपत में बूंदाबांदी

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गोहाना में बारिश के बाद गली में भरा पानी। - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। जिले में फिर से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से शुक्रवार सुबह अधिकतर क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। जिसकी वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गोहाना में हुई बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अब मौसम साफ रहेगा।
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मार्च महीने की शुरुआत से ही लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। मार्च के पहले पखवाड़े में औसतन 88 एमएम बरसात दर्ज की गई। परंतु उसके बाद मौसम साफ हो गया था। हालांकि अब दो दिन पहले दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ फिर सक्रिय हो गया। जिसके बाद वीरवार शाम से ही आसमान में काले बादल मंडराने लगे थे और शुक्रवार सुबह जिले के अधिकतर क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी की वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान जहां 25 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अब तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी और एक सप्ताह के अंदर ही तापमान बढक़र 32 डिग्री तक पहुंच सकता है। लॉकडाउन के दौरान हुई बूंदाबांदी से नाके लगाकार खड़े पुलिस कर्मियों को भी परेशानी हुई। उन्हें बूंदाबांदी के बीच रोड पर खड़ा रहना पड़ा।
किसानों की बढ़ी चिंता, फसल में होगा नुकसान
शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदलने से किसानों की चिंता को एक बार फिर से बढ़ गई है। मार्च माह में अब तक हुई बरसात से किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। जिले में करीब 5 हजार हेक्टेयर भूमि में फसल बरसात से प्रभावित हो चुकी है। मौजूदा समय में सरसों की कटाई शुरू हो चुकी है, जबकि अप्रैल माह के पहले सप्ताह में गेहूं की कटाई भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में मौजूदा समय में बरसात किसानों के लिए मुसीबत बन सकती है। गनीमत रही कि शुक्रवार को तेज बरसात नही हुई। जिसकी वजह से फसलों पर अधिक प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।
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गोहाना में हुई सबसे ज्यादा परेशानी
शुक्रवार शाम को गोहाना में बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। बारिश के कारण गलियों में भी पानी भर गया। वहीं निचाई वाले खेतों में बारिश का पानी भरने से किसानों को दिक्कत हो सकती है। गोहाना के कई गांवों में पहले ही ओलावृष्टि ने किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है। अब इन दिनों में हुई बारिश से किसानों की मुसीबत ज्यादा बढ़ सकती है।
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रबी सीजन अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में मौसम का साफ रहना और तापमान का बढ़ना गेहूं व रबी सीजन की सभी फसलों के लिए फायदेमंद है। शुक्रवार को जिले में बूंदाबांदी हुई है। इससे फसलों पर अधिक प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। परंतु तेज बरसात फसलों में नुकसान पहुंचा सकती है। कृषि विभाग परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार किसानों को एसएमएस के माध्यम से जागरूक भी कर रहा है।
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डॉ.अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
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